आगरा। आगरा एसटीएफ यूनिट के द्वारा फर्जी प्रपत्रों से शोरूमों से इलेक्ट्रानिक उपकरण, मोबाइल, लैपटाप और वाहन खरीदने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। शातिर फर्जी आधार कार्ड व प्रपत्रों से बैंकों में खाता खुलवाते थे। इसके बाद शोरूमों से किस्त में सामान खरीदने के बाद उसे दूसरों को बेच देते थे।
इंस्पेक्टर एसटीएफ हुकुम सिंह ने बताया कि आगरा कमिश्नरेट में फर्जी प्रपत्रों से सामान खरीदकर शोरूमों से ठगी करने वाले गिरोह की जानकारी मिली थी। हरीपर्वत पुलिस की मदद से गिरोह के तीन सदस्यों को मंगलवार रात दबोच लिया। पकड़े गए आरोपित कोतवाली के रहने वाले संजेश कुमार, राहुल और नई आबादी भक्ति गली रोड थाना लाइनपार फिरोजाबाद हैं। आरोपितों से सात मोबाइल, चार एसी, दो स्कूटर और लैपटाप बरामद किया है।
आरोपितो ने पूछताछ में बताया बरामद एक्टिवा उन्होंने राहुल नगर शारदा विहार बोदला निवासी मोहम्मद यूनूस की फर्जी आइडी से ली थी। यूनूस का असली नाम शाहिद निवासी सेक्टर चार आवास विकास कालोनी है। जबकि राहुल वर्मा से तीन मोबाइल बरामद किए। तीनों मोबाइल राहुल ने संजेश, युनूस और सचिन निवासी बोदला की फर्जी आइडी पर लिया था। प्रभारी निरीक्षक हरीपर्वत देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपित बुधवार को जेल भेज दिए।
किशन और साहिल से बनवाते थे फर्जी प्रपत्र
आरोपितों ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया, फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य प्रपत्र वह ट्रांस यमुना कालोनी निवासी किशन सिंह और साहिल पौनिया से बनवाते थे। आइडी फर्जी होने के चलते शोरूम मालिक वसूली नहीं कर पाते थे। खरीदा गया माल वह दूसरों को बेच देते थे।











