आगरा। राज्य कर विभाग में एंटी करप्शन टीम ने असिस्टेंट कमिश्नर के लिए वसूली करने वाले एक निजी युवक को पकड़ा था। शनिवार को उसे मेरठ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा गया है। मुकदमे में असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार भी आरोपित हैं।
शमसाबाद रोड पर कहरई के पास रहने वाले अमरचंद का जीएसटी नंबर केंसिल हो गया था। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से रीवोकेशन फाइल किया। राज्यकर विभाग के कार्यालय में कई चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हुआ। यह कार्य राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार के आफिस से होना था। इसलिए वे लगातार वहां संपर्क कर रहे थे। असिस्टेंट कमिश्नर के आफिस में सिकंदरा क्षेत्र में रहने वाला निजी कर्मचारी मनीष कुमार कार्यरत था। वह मूलरूप से बिहार के जमुई में बहादुरपुर गांव का रहने वाला है। एंटी करप्शन टीम ने मनीष कुमार को रंगे हाथ पांच हजार रुपये रिश्वत के रूप में लेते समय गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की गई तो आरोपित ने बताया कि वह तीन वर्ष से असिस्टेंट कमिश्नर के कार्यालय में काम कर रहा था। असिस्टेंट कमिश्नर के कहने पर वह निजी व सरकारी कार्य करता था। उनके लिए रिश्वत भी लेता था। वसूली जाने वाली रिश्वत को वह असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार को देता था। उसमें से पांच सौ या एक हजार रुपये उसे मिलता था। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर संजय यादव ने बताया कि मनीष नकद में रिश्वत लेकर असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी व अन्य रिश्तेदारों के खाते में आनलाइन भेज देता था।










