नई दिल्ली। भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी को लेकर जो राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ था, उसमें आज कई नये मोड़ आ खड़े हुये। आज बग्गा की मुश्किलें उस समय बढ़ गई थी जब मोहाली (पंजाब) कोर्ट ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए बग्गा की गिरफ्तारी के लिये गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। लेकिन पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने इस आदेश के अमल पर रोक लगाते हुए देर रात को दिये आदेश में कहा कि इस मामले में मंगलवार को सुनवाई से पहले बग्गा की गिरफ्तारी नहीं की जाये।बग्गा ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर हाई कोर्ट जज ने रात में ही सुनवाई की। इस मामले में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की पुलिस और सरकारें सीधे तौर पर शामिल रही हैं।
भाजपा के एक नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने गंभीर आरोप लगाया है कि बग्गा को गिरफ्तार करने आए पुलिसकर्मियों में से एक के तार ड्रग्स से जुड़े हैं और उसने अपने पिछले कनेक्शन को छिपाने के लिए अपना नाम बदल लिया है।
यह नाटकीय घटनाक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को आप कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन करते देखा गया। 36 वर्षीय बग्गा ने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने उन्हें इस तरह गिरफ्तार किया जैसे कि वह एक आतंकवादी हों। आप ने शुक्रवार को कहा था कि गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित नहीं थी और पंजाब पुलिस को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि बग्गा जांच के लिए पेश नहीं हो रहे थे।










