वाराणसी। काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी के सर्वे को लेकर विरोध जारी हैं। एडवोकेट कमिश्नर को बदलने के लिए मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र लगाया था। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि एडवोकेट कमिश्नर और वादी पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करें। इस बीच सर्वे पर रोक लगाने से कोर्ट ने इनकार कर दिया। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर ये सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में हुई। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि नौ मई नियत की है।
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे को देखते हुए पुलिस फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया है। एडवोकेट कमिश्नर की टीम श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और ज्ञानवापी परिसर में पहुंच गई और सर्वे शुरू किया गया परंतु भारी दबाव के चलते रोक दिया गया और आज सर्वे नहीं हो सका। ज्ञानवापी परिसर में सर्वे शुरू होने के बाद एक बार फिर माहौल बिगड़ता दिखा जब अचानक बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वहां नारेबाजी शुरू की। पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया। एक शख्स को हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसका नाम अब्दुल कलाम सामने आया। पुलिस के कब्जे में वो माफी मांगते हुए नजर आया। बोला-सर, हमसे गलती हो गई। कहा गया कि ये लोग नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि एक बार फिर नमाजियों की भीड़ परिसर के बाहर बढ़ रही है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की है।










