आगरा। खेरागढ़ थाना क्षेत्र में पिता ने दामाद के साथ मिलकर बेटी को पीट-पीट कर मार डाला। हत्या करने के बाद ससुर और दामाद ने रात में शव को सड़क किनारे फेंक दिया। सुबह शव देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचा पिता बेटी के लापता होने का नाटक करता रहा। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने घटना कबूल ली।
घटना बीते शनिवार सुबह की है। गांव भोपुर के समीप सड़क किनारे युवती का खून से लथपथ शव मिला था। जिसकी शिनाख्त उसके पिता कोमल सिंह निवासी नबाब बसई ने खेरागढ़ थाने पहुंच कर अपनी बेटी सुनीता निवासी सालेहनगर बरबर के रूप में की थी। खेरागढ़ पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के प्रयास में लगी थी कि रविवार रात्रि करीब ग्यारह बजे मृतका की बहन पूजा ने थाना कोलारी पहुंच अपने पिता कोमल सिंह, सुनीता के पति पवन और देवर जल सिंह पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष कोलारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतका सुनीता और उसकी दो बड़ी बहनों सहित तीनों की शादी गांव सालेहनगर बरबर में हुई थी। एक बड़ी बहन पूजा ने पति से तलाक लेकर दूसरी जगह शादी कर ली है। सुनीता की अपने पति पवन से अनबन रहती थी। 24 मई को पति सुनीता को अपने साथ लखनऊ ले जा रहा था तभी कैंट स्टेशन पर दोनो में झगड़ा हो गया और सुनीता आगरा में अपनी बड़ी बहन पूजा के यहां चली गई। शनिवार को पूजा सुनीता को नबाब बसई माता-पिता के घर छोड़ गई। तभी शनिवार की रात नबाब बसई पहुंचे पवन और जल सिंह ने ससुर कोमल सिंह के साथ मिलकर सुनीता की बेरहमी से मारपीट की और गले में फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी। शव को बाइक पर रख कर खेरागढ़ क्षेत्र में फेंक आए।











