आगरा। जगदीशपुरा थाना पुलिस का एक अनोखा खेल देखने को मिला है। जिस व्यक्ति को शाहगंज थाना पुलिस ने जुए में जेल भेजा था, उसी को अगले दिन जगदीशपुरा थाना पुलिस ने भी जुआ खेलते हुए दिखाया है। दरोगा का कहना है कि व्यक्ति पीछे के दरवाजे से भाग गया। सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि जब वह जेल के अंदर था तो घर में जुआ कैसे खेल रहा था? पीछे के दरबाजे से कैसे भाग गया? न्यायालय के द्वारा दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि 8 अक्टूबर को शाहगंज थाना पुलिस के दरोगा प्रमोद यादव ने मुकदमा दर्ज कराया कि वह चेकिंग पर थे। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की तुलसी बजट विला कॉलोनी में महेश तेजवानी के घर में क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाया जा रहा है। दरोगा पुलिस कर्मियों के साथ वहां पहुंच गया और तीन लोगों की गिरफ्तारी की। इनमें महेश, अजय भोजवानी, सोनू शामिल थे। पुलिस ने महेश, अजय भोजवानी और सतीश को जेल भेज दिया। नौ अक्टूबर को जगदीशपुरा में दरोगा शक्ति राठी ने एक मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कहा कि वह चेकिंग पर थे। सूचना मिली की आवास विकास सेक्टर 4 में कुछ महिलाएं अजय के मकान में जुआ खेल रही हैं। सूचना पर जब वहां दबिश दी गई तो तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। अजय पुलिस को देखकर पीछे के दरवाजे से भाग गया। दरोगा को पता नहीं था कि उसकी पोल खुल जाएगी कि वह उसे फर्जी तरीके से फंसा रहा है। इस दिन अजय जेल में था इस बात से दरोगा फंस गया है। क्या अजय जेल की दीवारों को तोड़कर दोबारा जुआ खेलने आ गया और फिर से जेल के अंदर पहुंच गया? कोर्ट भी मामले को देखकर हैरान है। कोर्ट के द्वारा दरोगा पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस किस तरीके से फंसाती है यह सच्चाई आई सामने
आगरा। पुलिस आखिर लोगों को किस प्रकार फंसाती है। यह इस मामले के बाद साफ तौर पर देखा जा सकता है। अगर अजय जेल में नहीं होता तो शायद उसकी इस बात का कोई यकीन नहीं करता कि वह जुए में शामिल नहीं था।











