शहबाज़ शरीफ़ जिन्हें पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री बनाये जाने की संभावना है
इस्लामाबाद। दिनभर चले हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बाद आज देर रात 12.30 बजे (भारतीय समयानुसार) पाकिस्तान की संसद नेशनल असेम्बली में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के आखरी समय में इस्तीफा देने के बाद नये कार्यवाहक स्पीकर ने प्रस्ताव पर वोटिंग कराई। इमरान समर्थक सभी सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और वोटिंग से पहले ही सदन से वॉकआउट कर गये।
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 174 वोट पडे। पाक नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 172 सांसदों का होना आवश्यक है। ऐसे में इमरान खान ने बहुमत खो दिया और उनकी सरकार पराजित हो गई।
इस बीच, पदच्युत प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार के किसी भी नेता और अधिकारी को बिना एनओसी देश नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है। इमरान सदन में नहीं आये। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही प्रधानमंत्री आवास छोड़ दिया। उनके कई मंत्रीमंडल सहयोगियों ने भी सरकारी आवास छोड़ दिये थे।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने से पहले ही गत दिवस स्पीकर ने विदेशी ताकत के इशारे पर लाया गया प्रस्ताव बताकर ख़ारिज कर दिया था और इमरान खान के संसद भंग कर नये चुनाव कराने की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने संसद भंग कर 90 दिन में नए चुनाव कराने के आदेश जारी कर दिये थे। इस पर पाक सुप्रीम कोर्ट ने सात अप्रेल को आदेश देते हुए न केवल संसद को बहाल कर दिया बल्कि स्पीकर के प्रस्ताव को खारिज करने के फैसले को गैर संवैधानिक ठहराते हुए आज 9 अप्रेल को प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के निर्देश दिए थे।
संयुक्त विपक्ष के नेता के रूप में शहबाज शरीफ को नया प्रधानमंत्री बनाये जाने की संभावना है। शहबाज शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं। वह दो बार पाक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान संसद में विपक्ष के नेता हैं।











