आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र में पुलिस दबिश के दौरान एक अधिवक्ता की मौत हुई थी। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। सभी पुलिसकर्मी फरार ही रहे। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी को ट्रांसफर कर दी गई। सोमवार को सीबीसीआईडी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंची। अधिवक्क्ता के बराबर वाले फ्लैट का नक्शा बनाया। अधिवक्ता की पत्नी सुनीता शर्मा ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पति का वजन 90 किलोग्राम था। ऐसे में वह अपनी बालकनी से बराबर वाले फ्लैट में कैसे जा सकते हैं। सुनीता शर्मा ने दोहराया कि पुलिस ने उनके पति को बराबर वाले फ्लैट से ले जाकर फेंका था। सुनीता शर्मा का कहना था कि उन्हें न्याय चाहिए, नहीं तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
मंगलम आधार अपार्टमेंट की आठवें तल पर में रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील शर्मा व अन्य के खिलाफ अपहरण एवं धोखाधडी का मुकदमा दर्ज हुआ था। उनके घर पर न्यू आगरा पुलिस एक मार्च की रात 11 बजे दबिश देने गई थी। इस दौरान अधिवक्ता की आठवीं मंजिल से गिरकर मृत्यु हो गई थी। अधिवक्ता की पत्नी सुनीता शर्मा का आरोप था कि पुलिस टीम पति को जबरन खींचकर बराबर वाले फ्लैट में ले गई। मारपीट करके उन्हें आठवें तल से फेंक दिया। सुनीता शर्मा ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव सिंह, दारोगा अनुराग सिंह व अज्ञात पुलिसकर्मियों को हत्यारोप में नामजद किया था। मुकदमे की विवेचना सीबीसीआइडी कर रही है।
सोमवार को सीबीसीआइडी के इंस्पेक्टर अनिल प्रताप सिंह, एनपी तिवारी, जितेंद्र सिंह टीम के साथ अपार्टमेंट पहुंचे। टीम घटनास्थल पर करीब एक घंटे तक रही। उसने सुनीता शर्मा के बराबर वाले फ्लैट संख्या 802 का निरीक्षण किया। फ्लैट की बालकनी और उसकी ग्रिल की लंबाई की नापजोख के साथ ही उसका नक्शा बनाया।












