आगरा। पिनाहट, मनसुखपुरा के चंबल के बीहड के गांव में तेंदुए का आतंक है। तेंदुए के भय के चलते ग्रामीण शाम होते ही घर में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से किसान व चरवाहो ने बीहड की तरफ जाना बंद कर दिया है। अब बीहड़ के गांव के स्कूली छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाने में अपनी जान का खतरा सता रहा है। वही वन विभाग भी लोगों को जागरुक कर रहा है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए बीहड में गांव गांव नाइट विजन कैमरे, पिंजरे, व जाल लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। गुरुवार को तेंदुआ चंबल के बीहड के गांव रेहा पहुंच गया। आबादी क्षेत्र में तेंदुए को देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
रेहा गांव के ग्रामीण मंगल सिंह व तेज सिंह ने बताया कि तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। रेहा गांव चंबल नदी के किनारे बीहड में बसा हुआ है। गांव में करीब 50 घर बने हुए हैं और करीब 200 की आबादी है। मनसुखपुरा थाने से पांच किलोमीटर तक बीहड के रास्ते गांव पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने सजगता दिखाते हुए वन विभाग द्वारा बताए गए आग जलाने व शोरगुल के उपाय को अपनाया। शोरगुल और आग देख तेंदुआ बीहड की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग व पुलिस को दी।
वही इस मामले में रेंजर बाह उदय प्रताप सिंह का कहना है कि वह लगातार दिन- रात वन टीम के साथ तेंदुए को पकड़ने के लिए बीहड के गांव में कॉंबिंग कर रहे हैं। ग्रामीणों को जागरुक कर रहे हैं। बीहड की तरफ न जाने की सलाह दी जा रही है।











