आगरा। ताजगंज के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी कि लोधी समाज के एक नेता ने उससे एससी/एसटी का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर पांच लाख रुपये ठग लिए हैं। आरोप में पुलिस ने लोधी समाज के नेता मिश्रीलाल राजपूत को जेल भेजा है। इसके द्वारा सीओ सदर की मुहर लगाकर एक कागज दिया गया था। जिसमें लिखा हुआ था कि साक्ष्यों के अभाव में मुकदमा में फाइनल रिपेार्ट न्यायालय के समक्ष प्रेषित की जा रही है।
कृष्ण कुमार राजपूत शनिवार को डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय से मिला था। उन्हें बताया कि ताजगंज थाने में एससी/एसटी एक्ट के तहत एक मुकदमा लिखा गया था। मुकदमे में वह भी आरोपित था। उसके बाबा का देहांत हुआ तो घर पर मिश्रीलाल राजपूत आए थे। खुद को लोधी समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष बताया। उससे कहा कि परेशान मत हो। मुकदमा खत्म हो जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह के विधिक सलाहकार से उनकी अच्छी पहचान है। वह उसको दिल्ली लेकर गए। बताया कि पांच लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा होंगे। उसके बाद मुकदमा खत्म होगा। उसने कर्ज लेकर रकम दी। आरोपित ने पहले उसे पांच लाख रुपये की एक रसीद दी। उसके बाद एक कागज दिया। जिस पर सीओ सदर की मुहर लगी थी। लिखा था कि मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है। जानकारी करने पर एसीपी सदर के कार्यालय गया। वहां जानकारी की तो पता चला कि मुकदमे में चार्जशीट लगी है। उसके साथ ठगी हुई है। रकम वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। पीड़ित की शिकायत पर सदर थाने में पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपित मिश्रीलाल राजपूत को पकड़कर रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। पुलिस ने बताया कि ठगी में कुछ और भी लोग शामिल हैं। उनके संबंध में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।











