आगरा। सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी जब यह पूछने के लिए मृतक के रिश्तेदार थाने गए तो उन्हें थाने से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने शव को नेशनल हाईवे पर रखकर सर्विस रोड और हाईवे पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक राहगीर जाम में फंसे रहे। जाम की वजह से हाईवे से जुड़े वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों की कतारें लग गईं। हजारों लोग परेशान हुए और पुलिस को कोसते रहे। मौके पर पहुंचे विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पूरे प्रकरण में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। एक्सीडेंट के समय भी पुलिस एक घंटा विलंब से पहुंची थी। जाम भी पुलिस की संवेदनशून्यता के कारण लगा।
गैलाना मार्ग (सिकंदरा) पर 13 मार्च की रात बेकाबू फार्च्यूनर ने एक दर्जन लोगों को टक्कर मारी थी। गैलाना निवासी लोकेश बघेल ने इलाज के दौरान मंगलवार की रात दम तोड़ा था। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजन और बस्ती के लोग शव लेकर गैलाना कट के पास हाईवे पर आ गए। उनके साथ महिलाएं भी थीं। भगवान टॉकीज की तरफ जाने वाली लाइन में शव रखकर जाम लगा दिया। भीड़ में शामिल लोग हाईवे पर दूसरी तरफ भी चले गए। सड़क पर बैठ गए। जाम से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों के पहिए थम गए। लोगों ने गैलाना कट पर तार बांधकर सर्विस रोड भी जाम कर दिया। जाम की सूचना पर 20 मिनट बाद कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तब तक स्थिति विकराल हो चुकी थी। हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। भीड़ अधिक थी और पुलिस वाले कम। यह देख हरीपर्वत, न्यू आगरा, कमला नगर, सिकंदरा थाने से फोर्स बुलाया गया। जाम इतना भयंकर था कि पुलिस कर्मियों के भी मौके तक पहुंचने में पसीने छूट गए। करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। जाम में फंसे लोग परेशान हो गए। गाड़ियों से बाहर निकल आए। हाईवे पर एक तरफ झरना नाला और दूसरी तरफ रुनकता तक वाहनों की कतार लग गई थी। सर्विस रोड पर भी वाहन बुरी तरफ फंसे हुए थे। इधर शव हाईवे पर रखा था। पुलिस ने पहले मामूली सख्ती दिखाकर मथुरा की तरफ आने वाले वाहनों की लाइन चालू कराई। शव हाईवे पर दूसरी तरफ था। पुलिसकर्मी हिम्मत दिखाकर भीड़ में घुसे। शव पुलिस जीप में रखकर पुलिस मौके से तेजी से भागी। लोगों में आक्रोश फैल गया। अधिकारियों ने पुलिस को जैसे तैसे समझाया। भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने पहुंचकर लोगों को समझाया। जाम खुलवाया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। युवक की मौत के बाद रिश्तेदार सिकंदरा थाने गए थे। पुलिस से पूछा कि अभी तक आरोपित गाड़ी चालक क्यों नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने उसे थाने से भगा दिया।
लोकेश पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था
लोकेश पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था। पिता के साथ उसके कंधों पर भी परिवार की जिम्मेदारी थी। परिजनों का आरोप है कि टक्कर मारने वाली गाड़ी में ककरैठा निवासी शोभित और अंकित सवार थे। पुलिस को पता है मगर अभी तक मुख्य आरोपित को नहीं पकड़ा। उन्हें धमकियां मिल रही हैं। पुलिस आरोपियों से मिली हुई है।











