लखनऊ। यूपी चुनाव में करारी हार झेलने के बाद राहुल गांधी ने आज एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस चाहती थी कि बसपा के साथ मिल कर चुना लड़ा जाए। इसके लिए कांग्रेस ने मायावती से सम्पर्क कर उन्हें सीएम पद का ऑफर भी दिया था लेकिन मायावती ने इसका जवाब तक देना उचित नहीं समझा।
राहुल गांधी ने कहा कि हमने गठबंधन की पेशकश की थी और उनसे कहा था कि मुख्यमंत्री वही बनेंगी लेकिन उन्होंने हमारे प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया। राहुल गांधी ने कहा कि मायावती ईडी, सीबीआई के डर से अब चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं। उन्होंने माना कि कांग्रेस कमजोर हुई है लेकिन यह मुद्दा नहीं है। दलितों को सशक्त होना जरूरी है। लेकिन मायावती नहीं लड़ेंगी। ऐसे में रास्ता एकदम खुला है। इस बार यूपी चुनाव में दोनों दलों का सूपड़ा साफ हो गया था। बसपा के वोट बैंक में 10 प्रतिशत की गिरावट आई। यहां तक कि कोर जाटव वोक बैंक भी भाजपा में चला गया।
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