आगरा। फतेहाबाद के भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह उनके पैतृक गांव नगला देवहंस पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए हजार लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी। शाम 4:30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे बेटे महेंद्र वर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान राजनीतिक नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
73 वर्षीय विधायक ने नोएडा के यथार्थ अस्पताल में रात करीब 8:30 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर 22 सितंबर को उन्हें आगरा के राजपुर चुंगी स्थित उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हालत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनका जन्म 7 जुलाई 1953 को हुआ था। वह निषाद समाज से आते थे। छोटेलाल वर्मा का राजनीतिक जीवन करीब तीन दशक लंबा रहा। उन्होंने वर्ष 1993 में भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद वर्ष 2002 में वह दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा और चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में उन्होंने फिर राजनीतिक पाला बदला और बसपा के टिकट पर फतेहाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर विधानसभा में वापसी की। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले छोटेलाल वर्मा एक बार फिर भाजपा में लौट आए। भाजपा के टिकट पर उन्होंने फतेहाबाद से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर चौथी बार विधानसभा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के द्वारा कहा गया कि वह जमीनी नेता थे आगरा की राजनीति में एक युग का अंत हुआ है। बाबूजी अमर रहें और वंदे मातरम के भी नारे लगाए गए। जिलाधिकारी मनीष कुमार बंसल ने दाह संस्कार स्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उनके अंतिम संस्कार में जिला पंचायत अध्यक्ष डा. मंजू भदौरिया, सांसद राजकुमार चाहर, पूर्व विधायक डा. राजेंद्र सिंह, जितेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार आदि शामिल रहे।











