ऐसे केस जहां मकान या कोई भी अन्य प्रॉपर्टी घर में ही ट्रांसफर होनी है जैसे माता पिता से बच्चों को या भाई से बहनों को या पोते पोतियों वगेरह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी खत्म कर दी है। पहले ऐसे केस में 7% स्टाम्प ड्यूटी लगती थी लेकिन अब सिर्फ 5000 रुपए व अतिरिक्त 1000 रुपए के प्रोसेसिंग चार्ज यानि कुल 6000 रुपए से बिना लेनदेन वाले प्रॉपर्टी ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
स्टाम्प एवं रेजिस्ट्रैशन मिनिस्टर रवींद्र जैसवाल के अनुसार पहले एक मकान मालिक जब मृत्यु से पहले अपने बच्चे या किसी अन्य परिवारीजन को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना चाहता तो भी भारी भरकम स्टाम्प ड्यूटी अदा करनी पड़ती थी। इसी वजह से प्रॉपर्टी के बटवारे व मृत्यु से पहले मालिकाना हक स्थापित करने में दिक्कत आती थी।
भारी स्टाम्प ड्यूटी के चलते अक्सर परिवारों में पावर ऑफ अटर्नी का चलन भी था जिससे सरकार को भी नुकसान होता था और झगड़े भी पड़ते थे। मिनिस्टर रवींद्र जैसवाल ने बताया की जहां पहले 50 लाख की प्रॉपर्टी पर 4 लाख 20 हजार की स्तमों ड्यूटी लगती थी वहीं पावर ऑफ अटर्नी मात्र 100 रुपए में बन जाती थी। पैसे बचाने की कोशिश में लोग पावर ऑफ अटर्नी का इस्तेमाल करते थे।
पर अब क्योंकि रेजिस्ट्रैशन की कीमत पहले के मुकाबले लगभग खत्म कर दी गई है, लोग प्रॉपर्टी के मामलों को पावर ऑफ अटर्नी से टालने की बजाए समय रहते निबटाना चाहेंगे और सरकार को भी नुकसान नहीं होगा।
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