आगरा। ट्रांस यमुना थाने से रविवार को लूट के आरोपी के भाग जाने के बाद सोमवार को भी दिनभर पुलिस ने उसे तलाश किया, लेकिन वह कहीं नहीं मिला है। परिजनों को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इधर आरोपी के भाग जाने के बाद एसीपी छत्ता ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
आगरा के थाना ट्रांस यमुना पुलिस को फरह थाने की पुलिस से सूचना मिली थी कि उनके क्षेत्र कालिंदी विहार में लूट सहित कई मामलों में वांछित शातिर अपराधी सलमान रह रहा है। उसके साथ तीन-चार साथी भी हैं। सूचना पर पुलिस ने आधी रात करीब दो बजे दबिश देकर सलमान को पकड़ लिया था, उसे थाने ले आए।बताया गया कि सुबह शातिर ने शौच जाने का बहाना बनाया। गार्ड उसे शौचालय ले गया। काफी देर तक वो बाहर नहीं आया। देखने पर पता चला कि वो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है। आरोपी के हिरासत से भागने पर हड़कंप मच गया। डीसीपी सिटी ने मामले में एसीपी छत्ता को जांच दी है। इधर सोमवार को आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी गई लेकिन उसके बारे में कुछ पता नहीं चला है। थानाध्यक्ष छुट्टी पर हैं। एसएसआई पर चार्ज है ऐसे में उन पर भी गाज कर सकती है।
गुमशुदा की देर से गुमशुदगी लिखने में थानाध्यक्ष की जगह महिला दरोगा दोषी
आगरा। ट्रांस यमुना थाना पुलिस की लापरवाही से व्यापारी विनोद गुप्ता की हत्या हो गई थी। पुलिस ने उसे खोजने का बिल्कुल प्रयास नहीं किये थे। परिजनों का आरोप था कि शुरुआत के 24 घंटे तो यही कहकर टालते रहे कि गायब होने के मामले में 24 घंटे बाद रिपोर्ट लिखी जाती है। 24 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज ना कर गुमशुदगी लिखी गई। परिजनों का आरोप था कि खोजने के नाम पर पुलिस ने 50 हजार रुपए ले लिए। इसके अलावा कभी कोल्ड ड्रिंक तो कभी पानी मंगाया। देर से गुमशुदगी लिखने और सुनवाई नहीं करने पर मामले में जांच हुई थी। सूत्रों का कहना है कि इसमें महिला दरोगा रेखा रानी को दोषी माना गया है। थानाध्यक्ष की कोई गलती नहीं मानी गई है। अब महिला दरोगा को मिसकंडक्ट का दोषी पाये जाने की संभावनाएं हैं।











