आगरा। जामा मस्जिद में शहर मुफ्ती के ऑफिस में ताला तोड़कर चोरी की साजिश थी। इसके साथ ही वहां अवैध कब्जा किए जाने की तैयारी थी। चोर ताला तोड़ने के लिए पेचकस, कटर सहित सभी सामान लाया था। इंस्पेक्टर मंटोला को इस बात की सूचना मिल गई। इंस्पेक्टर ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर चोरी और अवैध कब्जा होने से बचा लिया। बाद में पता चला आरोपी धार्मिक माहौल बिगाड़ने की भी फिराक में थे। इंस्पेक्टर की सूझबूझ से यह भी टल गया।
बता दें कि शाही जामा मस्जिद में एक अक्टूबर को हुए प्रकरण में शहर मुफ्ती अब्दुल खुबैब रूमी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। कमेटी के पदाधिकारी अरशद की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में शहर मुफ्ती उनके बेटे, हाजी बिलाल, अली खान समेत पांच नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया। शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों शरीफ काले आदि का पुलिस से कहना था कि शहर मुफ्ती हर रविवार तकरीर करने की नई परंपरा शुरू कर रहे थे। इसका विरोध किया गया था। वर्ष 1986 में तकरीर को लेकर विवाद हो गया था। मस्जिद परिसर में गोली चलने पर तीन लोग घायल हो गए थे। इसके बाद तकरीर बंद कर दी गई थी। मस्जिद इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारी अरशद ने बिना अनुमति सभा करने, गैर कानूनी तरीके से लोगों को एकत्रित करने, गाली-गलौज करने का आरोप में मुकदमा लिखा था। अगले दिन बिलाल असलम की तरफ से एक तहरीर दी गई और उसमें कहा कि शहर मुफ़्ती के साथ में मोहम्मद शरीफ, हाजी पठान, जीशान, सद्दाम आदि ने गाली गलौज करते हुए अभद्रता की थी। पुलिस ने इस तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज किया था। दोनों ओर से दर्ज मुकदमे में पुलिस जांच कर रही है। इधर सोमवार को एक नया एपिसोड सामने आया है। इंस्पेक्टर मंटोला सत्यदेव शर्मा और दरोगा सुमित कुमार को एक मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि शहर मुफ्ती के ऑफिस का ताला तोड़कर चोरी करने की रणनीति है। चोर चोरी करने के लिए पहुंच चुके हैं। चोरी के बाद वहां धार्मिक माहौल बिगाड़ने की भी साजिश है। इसके साथ ही ऑफिस पर कब्जा करने की भी रणनीति बनाई गई है। सूचना पर इंस्पेक्टर फोर्स लेकर जमा मस्जिद में पहुंच गए। वहां पर पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। युवक का नाम दानिश था, उसके बैग में ताले तोड़ने का समान था, उसने पुलिस को बताया कि मुझे बिलाल, जीशान, हाजी, जमील कुरैशी सहित 8-10 लोगों ने ताला तोड़कर सामान चोरी करने के लिए भेजा है। मस्जिद के बाहर बिलाल खड़ा हुआ है। इंस्पेक्टर ने बाहर पहुंचकर बिलाल को भी गिरफ्तार कर लिया। बिलाल ने भी पूछताछ में बताया कि चोरी करने के साथ अवैध कब्जा करने की रणनीति थी। साथ ही माहौल खराब करने की योजना थी। बड़ी घटना होने से बचाने के लिए अधिकारियों ने इंस्पेक्टर सत्यदेव शर्मा की पीठ थपथपाई है।











