आगरा। रविवार को सभी थानों में सट्टा करने वाले लोगों को बुलाया गया। इन्हें शपथ दिलाई गई कि वह किसी गलत काम में लिप्त नहीं रहेंगे। इस बात के लिए दो गवाह से लिखित में भी लिया गया कि उनकी जिम्मेदारी रहेगी कि आप इन्हें कोई गलत काम नहीं करने देंगे। लेकिन बड़ी बात यह रही कि कई बड़े सट्टेबाज नहीं बुलाए गए। इसके लिए हवाला दिया गया कि पुलिस कमिश्नर की सूची में उनके नाम नहीं थे। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि पुलिस कमिश्नर को दी गई सूची में आखिर यह नाम क्यों छिपाए गए हैं? सूची बनाने वाले ने कहीं कोई खेल तो नहीं कर दिया है? पुलिस कमिश्नर को नया देखकर उन्हें गुमराह तो नहीं कर दिया गया है।
जुआ-सट्टा पूरे तरीके से बंद कराने के लिये पुलिस कमिश्नर काफी सख्त हैं। क्राइम मीटिंग में भी वह स्पष्ट कर चुके हैं कि जुआ-सट्टा किसी हाल में नहीं होना चाहिए। डीसीपी और एसीपी की मीटिंग में भी वह दो बार यह कह चुके हैं। पुलिस कमिश्नर की ओर से एसीपी को एक सूची दी गई। इसमें उनके सर्किल में काम करने वाले सट्टेबाजों के नाम थे। सूची में कई बड़ी मछली नहीं थी। वहीं आईपीएल वाले भी बड़े सट्टेबाज नहीं थे। ज्यादातर वह सट्टेबाज थे जिन्हें पकड़ने पर पुलिस हजार से दो हजार, चार हजार रुपये बरामद करती है। बड़े खिलाड़ी इस सूची में नहीं थे। छत्ता, लोहामंडी, हरीपर्वत, सदर सर्किल के कई बड़े चेहरों का नाम सूची में नहीं था। सूची बनाने वालों ने उनके नाम क्यों शामिल नहीं किए। यह बात सुर्खियों में छाई हुई है। कमला नगर में कई बड़े खिलाड़ी रहते हैं उन्हें भी नहीं बुलाया गया। आईपीएल के दौरान पुलिस उनसे जमकर वसूली करती है। इधर थाना पुलिस ने सूची में शामिल जो लोग बुलाए थे उनमें से कुछ पर पूर्व में कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है। एक दो चेहरे ऐसे थे जो बोल रहे थे कि हमारा सट्टे से कोई वास्ता भी नहीं है। थाना प्रभारी को भी लगा कि उनका नाम किसी ने गलत दे दिया है। जिले भर के सभी थानों में जितने भी लोग बुलाए गए थे उन सभी को शपथ दिलाई गई कि वह कोई भी गलत कार्य नहीं करेंगे। पुलिस ने उन्हें कड़ी हिदायत दी की अगर वह गलत कार्य करते हुए पाए गए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। सिकंदरा थाने में शपथ दिलाने के लिए 13, शाहगंज में 14, ताजगंज में दस, कमला नगर में जो कि बड़ा गढ़ है सिर्फ पांच, छत्ता में पांच, मंटोला में तीन, हरीपर्वत में तीन, न्यू आगरा में दो लोगों को बुलाया गया। देहात में खंदौली थाने में सबसे ज्यादा 15 लोग बुलाए गए। पुलिस कमिश्नर ने सदर थाने के चार लोगों के ही नाम भेजे थे लेकिन इंस्पेक्टर ने 21 लोगों को बुलाया। यह पूर्व में सट्टा कराते थे। कमला नगर में काफी कम लोग बुलाए गए। यह बात सुर्खियों में छाई हुई है।












