आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में वांछित चल रहे बिल्डर और बेटे पर डीसीपी सिटी ने 25 हजार का इनाम घोषित किया है। इधर मुकदमा लिखे 20 दिन बीत चुके हैं। एसआईटी अभी तक इस बात की जानकारी नहीं कर सकी है कि गांजा और शराब कहां से आई थी।
बैनारा फैक्ट्री के पास करीब 50 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जा कराने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया था। जमीन पर कब्जे के बाद मौके पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। दीवार बनवाई गई थी। मामला डीजीपी तक पहुंचा था। उसके बाद आगरा पुलिस हरकत में आई। जमीन की कथित मालकिन उमा देवी की तहरीर पर तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर सहित 18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अभी तक थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, अमित अग्रवाल, पहलवान को ही जेल भेजा है। अन्य आरोपियों को पकड़ने में पुलिस फेल साबित हो रही है। कब्जे के समय विकास कुमार जगदीशपुरा थाने में तैनात था। नौ किलोग्राम गांजा बरामदगी की फर्द उसी ने बनाई थी। उसने ही अपना गुडवर्क दिखाया था। उसने बयान के लिए नोटिस भेजा गया था। वह एसआईटी के समक्ष हाजिर नहीं हुआ है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि बिल्डर और उसके बेटे पर इनाम की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। दोनों मुकदमे के बाद से भूमिगत हैं। पुलिस ने शनिवार को उनकी तलाश में कई जगह दबिश दी। उनके घर पर भी गई। वहां सिर्फ चौकीदार मिला। पुलिस जल्द ही कुर्की पूर्व नोटिस के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी।
तीन दरोगा की चल रही है प्रारंभिक जांच
गांजे के मुकदमे की विवेचना करने वाले दरोगा आशीष त्यागी, एडीशनल सीपी के कार्यालय से जांच के लिए मिलने वाले प्रार्थना पत्र को दबाए जाने पर दरोगा शक्ति राठी, घटना के समय तत्कालीन चौकी इंचार्ज बोदला अनुज फोगाट की भी प्रारंभिक जांच चल रही है। आने वाले समय में उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।











