गौरव प्रताप सिंह
आगरा। डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में 40 करोड़ से बनी बिल्डिंग की बत्ती कई दिनों से गुल है। बत्ती गुल होने की वजह से छात्रों को पोर्च में सीढ़ियों पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। शायद ही ऐसा दृश्य किसी भी विश्वविद्यालय में आज तक देखने को मिला होगा कि छात्रों को सीढ़ियों पर बैठाकर पढ़ाना पड़ा हो।
बता दें कि बिना नक्शा पास कराए ही 40 करोड रुपए की लागत से संस्कृति भवन का निर्माण कराया गया था। इसकी विजिलेंस जांच भी चल रही है। बिल्डिंग का आलम यह है कि कई बार उसके टाइल्स टूट कर गिर चुकी हैं। इसके साथ ही कई जगह दीवारों में क्रेक आ रहे हैं। कई बार लिफ्ट खराब होने पर छात्र भी उसमें फंस चुके हैं। पिछले चार-पांच दिनों से बिल्डिंग की बत्ती भी गुल है। शिक्षकों ने इस बात को लेकर अधिकारियों और इंजीनियर से भी शिकायत की लेकिन अभी तक बिजली सही करने को लेकर कोई भी इंतजाम आज नहीं किए गए हैं। शिक्षकों ने अपनी तरफ से भी प्रयास किए लेकिन बत्ती कहां से खराब है वह पता नहीं लगा पाए। रोजाना की तरह बुधवार सुबह छात्र पढ़ने के लिए आए। बिजली नहीं होने की वजह से क्लासों में गर्मी थी। इसके बाद शिक्षक छात्रों को पोर्च में सीढ़ियों पर बाहर ले आए। यहां पर ही एक-एक कर तीन शिक्षकों प्रोफेसर बीडी शुक्ला, डॉक्टर अमित कुमार, हेमंत यादव ने क्लास लीं। छात्र और शिक्षक पसीना पसीना हो रहे थे लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं था। इस दौरान कुछ लोग बिल्डिंग को देखने के लिए आए थे। जब उन्होंने देखा कि इतनी बड़ी बिल्डिंग के होते हुए भी छात्रों को सीढ़ियों पर बैठाकर बढ़ाया जा रहा है तो उन्होंने चिंता व्यक्त की।












