आगरा। साहब मेरी घोड़ी को बचा लीजिए। वह तालाब में गिर गई है। अगर उसे कुछ हो गया तो रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे, उसी से परिवार का खर्च चलता है। 112 नंबर पर कॉल कर एक व्यक्ति ने यह बात कही। सूचना पर तत्काल बुंदू कटरा चौकी प्रभारी फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। बड़ी मुश्किल से घोड़ी को तालाब में से निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
रविवार को दिवाली के दिन सोनू प्रजापति पुत्र रतन सिंह निवासी नगला परसोदी अपनी बग्गी से कुछ सामान लेकर जा रहा था। बिंदु कटरा क्षेत्र में कट पर घोड़ी बग्गी के बजन को संभाल नहीं पाई और वह बग्गी सहित तालाब में गिर गई। घोड़ी के तालाब में गिरते ही सोनू फूट-फूट कर रोने लगा। सोनू ने तत्काल 112 नंबर पर फोन किया और कहा कि साहब गरीब आदमी बोल रहा हूं जल्दी आ जाओ। नहीं तो गोड़ी मर जाएगी। सूचना पर चौकी प्रभारी राम प्रताप सिंह तत्काल मौके पर पहुंच गए उन्होंने घोड़ी को बचाने के लिए काफी देर तक प्रयास किया। बड़ी मुश्किल से घोड़ी को तालाब में से निकाला गया। तालाब करीब 30 फुट गहरा और 40 साल पुराना है। घोड़ी की मौत होताी देखकर सोनू सदमे में चला गया। वह बोला कि इसी से घर की रोजी-रोटी चलती थी। दिवाली खोटी हो गई। सोनू को रोता हुआ देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई।
तालाब की बाउंड्री नहीं होने से कई हादसे हो चुके
क्षेत्र वासियों ने बताया कि तालाब 40 साल पुराना है, उसकी बाउंड्री नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। पूर्व में कुछ बच्चे भी डूब चुके हैं। चौकी प्रभारी का कहना है कि उनके द्वारा बाउंड्री कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।











