इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने और नेशनल असेंबली भंग किए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट रात आठ बजे फैसला सुनाएगा। इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के बाहर और अंदर सुरक्षा इंतजाम बेहद सख्त कर दिए गए हैं। अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस उमर अता बांदियाल ने कहा कि ये साफ है कि डिप्टी स्पीकर का फैसला संविधान के खिलाफ है।
खास बात यह है कि जस्टिस बांदियाल की बात सुनने के बाद खालिद सुप्रीम कोर्ट से ही चले गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला डिप्टी स्पीकर और इमरान खान पर भारी पड़ने वाला है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच के सामने अटॉर्नी जनरल ने कहा- नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की बैठक से जुड़ी बातें सबके सामने कोर्ट में नहीं रखी जा सकतीं। उन्होंने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव तो 28 मार्च को ही खारिज कर दिया गया था।
इससे पहले जस्टिस मंदोखेल ने कहा कि भले ही अविश्वास प्रस्ताव पर डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने फैसला सुनाया हो, लेकिन उसपर हस्ताक्षर स्पीकर असद कैसर के हैं। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के वकील अली जफर ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। चीफ जस्टिस ने जफर से पूछा कि अगर सब संविधान के हिसाब से ही चल रहा है तो फिर परेशानी कहां है? अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करना अनुच्छेद 95 का उल्लंघन है। अब अगर देश में चुनाव कराए गए तो इसमें अरबों रुपए का खर्च आएगा।











