आगरा। बुधवार शाम को दो व्यक्तियों ने 112 नंबर पर कॉल कर कहा कि तहसील के अंदर खड़ी लेखपाल की गाड़ी में 10 लाख रुपए रिश्वत रखी हुई है। मौके पर पुलिस पहुंच गई। लेखपाल के नहीं होने के कारण गाड़ी का लॉक नहीं खुल सका है। कल सुबह फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में लॉक खोला जाएगा।
उमेश राणा और उनके मित्र हरभजन राणा ने 112 नंबर पर कॉल कर कहा की सदर तहसील के अंदर एक स्विफ्ट गाड़ी खड़ी हुई है। इसमें रिश्वत के 10 लाख रुपए रखे हुए हैं। सूचना पर 112 नंबर और शाहगंज थाना पुलिस पहुंच गई। मामला बड़ा होने के कारण एसडीएम और एसीपी भी मौके पर आ गए। गाड़ी के मालिक जो कि लेखपाल हैं गायब थे। इस वजह से गाड़ी का लॉक नहीं खोला जा सका। उसके बाद गाड़ी को थाने पहुंचा दिया गया है।इंस्पेक्टर शाहगंज आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कल सुबह फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में गाड़ी को खोला जाएगा और चेक किया जाएगा कि उसमें पैसे हैं या नहीं। इधर प्रशासनिक अधिकारियों ने लेखपाल की विभागीय जांच बैठा दी है। जिस लेखपाल की गाड़ी बताई जा रही है वह काफी चर्चाओं में रहते हैं।
लेखपाल ताजगंज के एक होटल में घूस की रकम लेने आया था, आरोप
उमेश राना ने पुलिस को बताया, घूस की रकम बमरौली कटारा के रहने वाले तीन भाइयों की खतौनी में हेराफेरी करने ली थी। तीन भाइयों में एक भाई राजस्थान में रहता है। दोनों भाई खतौनी से उसका नाम निकलवाना चाहते थे। जिससे कि जमीन बेचने पर उसे हिस्सा न देना पड़े। लेखपाल भीमसेन से बात करने पर उसने 10 लाख रुपये घूस मांगी थी।
बुधवार शाम करीब पांच बजे लेखपाल ताजगंज के एक होटल में घूस की रकम लेने आया था। संयोग से उमेश अपने मित्र हरभजन के साथ होटल आया था। उमेश होटल में पहले काम कर चुके हैं। उमेश ने पुलिस को बताया कि घूस की रकम उन्होंने अपने हाथ से कार में रखी थी। उन्होंने घूसखोर लेखपाल को पकड़वाने का निर्णय किया। अपनी कार से लेखपाल की गाड़ी का पीछा कर लिया। लेखपाल घूस की रकम लेकर सदर तहसील पहुंचा था। लेखपाल की कार को रोक लिया, 112 नंबर पर फोन कर दिया। लेखपाल ने पहले तो हड़काने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस आने पर मामला तूल पकड़ता देख खिसक लिया।
विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम को भी किया था फोन
उमेश राना ने बताया कार में घूस की रकम होने की जानकारी उन्होंने विजिलेंस और एंटी करप्शन विभाग को भी दी थी। मगर, दोनों विभाग ने इसमें रूचि नहीं दिखाई। इस पर उन्होंने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाया। बाद में एंटी करप्शन टीम भी शाहगंज थाने पहुंची।
तहसील पहुंचे लेखपाल के पुत्र ने कहा रकम उसकी है
उमेश राना ने पुलिस को बताया कि लेखपाल के कार को तहसील में छोड़कर जाने के बाद उसका पुत्र वहां पहुंच गया। पुत्र का कहना था कि रकम उसकी है। उमेश राना ने पुलिस से होटल और तहसील में लगे सीसीटीवी चेक कराने को कहा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि कार तहसील तक लेकर कौन आया था।











