आगरा। ताजगंज के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने अपने घर में चोरी होने की सूचना दी। सूचना पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और जांच में जुट गई। पुलिस का सिर दर्द बढ़ गया कि वह आखिर बदमाशों को कैसे पकड़ेगी? इसी बीच एक रिकॉर्डिंग ने पुलिस की सांस में सांस ला दी। रिकॉर्डिंग से पता चला है की चोरी की कहानी रची गई है। पुलिस को पूरे तरीके से गुमराह किया गया है। पोल खुलने के बाद पीड़ित भी पुलिस का सामना करने को तैयार नहीं है।
बजहेरा गांव में महेशपाल सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। महेश पाल ने देर रात पुलिस को सूचना दी कि रात करीब दो बजे चोर सीढ़ी दीवार से लगाकर छत पर आ गए। इसके बाद जीने (पक्की सीढ़ियां) का ताला तोड़कर घर में पहुंच गए। महेशपाल की पत्नी संजू देवी के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। खटपट की आवाज सुनकर महेशपाल जाग गए। शोर मचाया तो चोर भागने लगे। वह शोर सुनकर जागे। चोरों का पीछा किया तो चोरों ने फायरिंग शुरू कर दी। चोर पांच लाख की नकदी, करीब 45 तोला सोना, एक किलो 700 ग्राम चांदी, बंदूक और कारतूस ले गए हैं। पुलिस तनाव में आ गई की अधिकारियों को क्या जवाब देगी। घटना का खुलासा कैसे करेगी। खुलासे के लिए टीमों का गठन शुरू होने की चर्चा चलने लगी। इसी बीच इंस्पेक्टर देवेंद्र शंकर पांडे को महेश पाल पर कुछ शक हुआ। उन्होंने चेक करने के लिए उनका मोबाइल फोन मांगा। फोन मिलने के बाद उन्होंने जब उसमें रिकॉर्डिंग चेक की तो एक रिकॉर्डिंग में महेश एक व्यक्ति से बोल रहा है कि मुकदमा नामजद दर्ज कराऊं या अज्ञात में। सामने वाला बोला अभी अज्ञात में दर्ज कराओ। नामजद दर्ज कराओगे तो पुलिस तुम पर शक करेगी। इंस्पेक्टर रिकॉर्डिंग सुनने के बाद समझ गए कि महेश ने कहानी रची है। इधर बंदूक भी घर में मिल गई। अलमारी के ताले भी नहीं टूटे थे। चाबी महेश की पत्नी के पास सुरक्षित थी। जिन आभूषणों के चोरी होने की बात कही जा रही है वह गिरवी रखे जाने की सूचना मिली है। इसके साथ ही महेश से पूछा कि किसी भी ग्रामीण ने फायरिंग की आवाज क्यों नहीं सुनी। इस पर महेश चुप हो गया। इंस्पेक्टर देवेंद्र शंकर पांडे का कहना है कि प्रथम दृष्टया जो जांच की गई तो पता चला कि महेश के बेटे की बहू ने दुष्कर्म के मामले में उसे जेल भिजवाया था। तीन महीने पहले ही वह जमानत पर बाहर आया है। मंगलवार को महेश की बहू ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर महेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। आरोप लगाया है कि महेश ने उसके कुछ फोटो वायरल किए हैं। बताया जा रहा है कि मुकदमे से बचने के लिए और महेश के बेटे की बहू को दो हजार महीना देने से बचने के लिए महेश ने चोरी की कहानी रची। पुलिस ने महेश से कई सवाल किए हैं जिनका वह जवाब नहीं दे पा रहा है। पुलिस को एक रिकॉर्डिंग भी मिली है जिसके बाद चोरी नहीं होने का शक हुआ।











