आगरा। शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के पूर्व के नियुक्त अध्यापकों के लिए की गयी टीईटी की बाध्यता से आहत शिक्षक लगातार आंदोलित हैं। आगरा में शिक्षक संगठन यूटा के वैनरतले हजारों शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रभावी प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को दे चुके हैं। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के हरीपर्वत स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित मासिक बैठक में पदाधिकारियों ने आंदोलन को उग्र करने का निर्णय लिया।
बैठक में मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि देशभर के अन्य प्रांतों में कार्यशील प्रमुख संगठनों के जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित किया जा रहा है। यूटा सभी संगठनों को एक मंच पर लेकर इस मुद्दे पर दिल्ली में ऐतिहासिक व बेमियादी धरना प्रदर्शन की पहल कर रहा है। जिलाध्यक्ष केके शर्मा ने कहा कि जनपद में इस समस्या से प्रभावित करीब दो हजार शिक्षक हैं, जिनमें से विभागीय मानक के अनुसार करीब 800 शिक्षक टीईटी को आवेदन ही नहीं कर सकते हैं। वहीं संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष वीपी बघेल ने शिक्षकों में आंदोलन करने के लिए जोश भरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2017 में गुपचुप तरीके से जो अध्यादेश जारी किया वह आठ साल फाइल में ही कैद रहा जो शिक्षकों के साथ बड़ा षड्यंत्र है। संगठनमंत्री यादवेंद्र शर्मा ने बताया की जल्द ही देशभर के करीब 30 लाख शिक्षक इस समस्या को लेकर दिल्ली जाम करेंगे, जिसकी रणनीति पर कार्य चल रहा है। जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने कहा जो शिक्षक गत 15-20 साल से बखूबी शिक्षण कार्य कर रहे हैं और वे तत्समय की सेवाशर्तों को पूरा कर आवश्यक, अर्हता के आधार पर नियुक्त हुए हैं उन्हें विभागीय प्रशिक्षण देकर अपडेट तो किया जा सकता है लेकिन आज की आवश्यक अर्हता के आधार पर उनको नौकरी से बाहर नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा होता है तो क्रांति निश्चित है।










