आगरा। एत्माउद्दौला थाना पुलिस जिस वांछित अपराधी को महीनों से नहीं पकड़ पा रही थी। वह हत्या और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था। हैरानी की बात यह है कि वांछित होने पर उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। फिर भी वह गैंग के साथ में घटनाओं को अंजाम दे रहा था। क्या एत्माउद्दौला पुलिस ने सिर्फ कागजों में ही दबिश देकर उसे पकड़ने के प्रयास किए। यह सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि जब वह आगरा में ही था तो पुलिस को नजर क्यों नहीं आया? हत्या करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के प्रयास किए हैं। देर रात पुलिस की हत्या करने वाले गैंग से मुठभेड़ हो गई। जिसमें वह और उसका एक साथी गोली लगने से घायल हुए हैं।
भगवती नगर के महेशचंद छोटे भाई सुरेशचंद, बहन सुनीता और भांजा अजय और नातिन पायल के साथ रहते थे। वह दूध का काम करते थे। वह घर के सामने स्थित पशु बाड़े में सोते थे। सोमवार रात 10 बजे महेशचंद पशुओं के बाड़े मे सोने गए थे। सुबह चार बजे बहन सुनीता टॉयलेट के लिए उठीं तो दरवाजा बाहर से बंद था। इस पर वह छत पर आयीं तो भाई महेशचंद का शव पड़ा था। एक भैंस भी वहां से गायब थी। सुनीता ने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। पुलिस हत्यारों का सुराग लगाने में लगी हुई थी। देर रात पुलिस को सूचना मिली हत्यारे काशीराम आवास योजना इस्लामनगर टेढ़ी बगिया के पास हैं। पुलिस ने घेराबंदी का प्रयास किया गया तो अपराधियों द्वारा पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सलमान उर्फ सुल्तान पुत्र सलीम निवासी राहुल नगर बोदला, अमित उर्फ अंकित तोमर पुत्र राकेश तोमर हाल पता बाईपुर के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उन्हें और उनके दो साथी इमरान उर्फ आइयो उर्फ इमरान पुत्र शरीफ कुरैशी निवासी महावीर नाला, सोनू उर्फ सानू पुत्र सलीम निवासी नौलखा को गिरफ्तार कर लिया। सलमान एत्माउद्दौला थाने से गोकशी के मुकदमे में वांछित चल रहा था। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उसके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं। एत्माउद्दौला पुलिस उसे कई महीने से गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। जबकि वह शातिर अपराधी है। गोकशी के लिए मशहूर है। कई महीने में भी विवेचक द्वारा उसे नहीं पकड़े जाने पर क्या उनकी प्रारंभिक जांच शुरू कराई जाएगी। यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्योंकि वह एत्माउद्दौला पुलिस को कही मिल नही रहा था। जबकि वह आगरा में ही था। अगर एत्माउद्दौला पुलिस ने उसे पकड़ा होता तो शायद बुजुर्ग की हत्या बच जाती। इमरान मंटोला थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उसके ऊपर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया है कि वह भैंस चोरी करने आए थे। बुजुर्ग की आंख खुल गई और उन्होंने शोर मचा दिया। इसके बाद उन्होंने उनके सिर में पाना मारकर हत्या कर दी।












