आगरा। गुटखा बेचकर जीवन यापन करने वाले एक गरीब बुजुर्ग को लोहामंडी पुलिस ने उठा लिया। चौकी पर ले जाकर डंडे से पिटाई कर उसे जेल भेजने की धमकी दी। कहा की 20 हजार दो नहीं तो ऐसा केस बनाएंगे कि एक साल के लिए जेल चले जाओगे। इसके बाद बुजुर्ग व्यक्ति से सात हजार जबरन वसूल लिए। बुजुर्ग ने वीडियो वायरल कर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। बुजुर्ग वीडियो में रो भी रहा है जिसको देखकर हर कोई पुलिस को कोश रहा है। इधर सिपाहियों ने वसूली के बाद बुजुर्ग से यह भी कहा कि तुम्हें बहुत सस्ते मद्दे में छोड़ दिया है।

एक बुजुर्ग व्यक्ति ने वीडियो वायरल किया है। इसमें उन्होंने अपना नाम राजेंद्र कुमार बताया है। राजेंद्र बता रहे हैं कि वह मोतीकुंज के पास गुटखा बेचकर जीवन यापन करते हैं। सोनू नाम का सिपाही उनके पास आया और बोला की चौकी पर चलो। इसके बाद वे उन्हें चौकी पर ले आया। यहां तीन- चार पुलिसकर्मी और बैठे हुए थे। पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा कि 20 हजार दे दो नहीं तो ऐसा केस बनाएंगे कि एक साल के लिए जेल चले जाओगे। बुजुर्ग के तीन डंडे भी मारे। बुजुर्ग ने हाथ जोड़े लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक नहीं सुनी। बुजुर्ग ने यह भी कहा कि उसके पिता की आंखों की रोशनी चली गई थी। मां की भी हालत खराब रहती है। पांच बहनों का उसके ऊपर लोड है। पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसने शादी भी नहीं की लेकिन पुलिसकर्मियों ने किसी भी बात को नहीं सुना, उन्होंने राजेंद्र से पांच हजार ले लिए। इसके बाद में पांच हज़ार और देने के लिए कहा। राजेंद्र रोते हुए घर चले गए। राजेंद्र ने बताया कि सोनू ने फिर उन्हें फोन किया और मस्जिद के पास बुलाया। यहां राजेंद्र को सिपाही के आने से पहले एक मसीहा मिल गया। राजेंद्र को रोता देखकर उन्होंने जब उनसे बात पूछी तो राजेंद्र ने कहा कि ऐसे ऐसे पुलिस मुझे फसाने में लगी हुई है। उस व्यक्ति ने सिपाही के आने पर पैसे लेने का वीडियो बना लिया। इसमें सिपाही राजेंद्र के पास आता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
इधर आगरा कमिश्नरेट में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही हैं। पुलिस जमीनों पर कब्जे कराने के साथ जमकर वसूली कर रही है। एक इंस्पेक्टर को निलंबित किया जा चुका है। रिश्वत लेने के मामले में कई पुलिसकर्मी निलंबित भी हो चुके हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि आईपीएस प्रभाकर चौधरी के द्वारा भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया जाता था जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने वसूली बंद कर दी थी। वर्तमान में पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही तो की जा रही है लेकिन भ्रष्टाचार के मुकदमे दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इससे पुलिसकर्मी बेखौफ हैं। आलम ये हो गया है कि थानों में पीड़ितों की पिटाई की जा रही है। पुलिस जमीन के ही मामले निपटाने में लगी है।
कमिश्नर को देखकर भी नहीं लगाई टोपी, स्पष्टीकरण मांगा
आगरा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कमिश्नर छत्ता सर्किल के एक थाने में आए थे। यहां पर दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें देखकर भी टोपी नहीं लगाई। इसके साथ ही जय हिंद भी नहीं किया। इस बात पर पुलिस कमिश्नर नाराज हुए और इसे अनुशासनहीनता बताया। मामले में दोनों पुलिस कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।











