आगरा। मण्डलायुक्त रितु माहेश्वरी के द्वारा शुक्रवार को आयुक्त सभागार में स्थानीय नगर निकायों की मण्डलीय बैठक की गई। इसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक कार्ययोजना के प्रस्तावों की सूची तथा पुरानी वार्षिक कार्ययोजना की स्थिति की समीक्षा की गई।
सर्वप्रथम आगरा की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजनाओं की समीक्षा में अवगत कराया गया कि नगर पालिका परिषद फतेहपुर सीकरी, शमशाबाद, बाह से प्रवेश द्वार, मॉडल रोड़, पिंक शौचालय, कान्हा गौशाला, तालाब व सड़क जीर्णोद्धार आदि से संबंधित पांच-पांच, अछनेरा से चार और एत्मादपुर से तीन योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किए जा चुके हैं। नगर पंचायत में किरावली से पांच, फतेहाबाद से चार, पिनाहट से तीन, खेरागढ़ से दो और जगनेर से एक कार्ययोजना का प्रस्ताव प्रेषित किया जा रहा है। वहीं नगर पंचायत दयालबाग और स्वामीबाग से एक भी प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया। संबंधित अधिकारी द्वारा किसी भी कार्ययोजना की आवश्यकता नहीं बताई गयी। विगत वित्तीय वर्ष भी कोई कार्ययोजना प्रस्तावित नहीं की गयी थी। इस पर मण्डलायुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी और संबंधित अधिकारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु पत्र लिखने के निर्देश दिए।
प्रोसेसिंग फैसिलिटि की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि फतेहाबाद को छोड़कर अन्य सभी निकायों में एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर क्रियाशील है। फतेहाबाद में सिविल वर्क पूरा हो चुका है, मशीन आ रही है। 15 सितंबर से सेंटर को क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। वंदन योजना में फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद निकायों द्वारा डीपीआर शासन को प्रेषित की जा चुकी है। वहीं सीएम वैष्विक नगरोदय योजना में सभी निकायों द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है। निर्देश दिए गये कि सभी कार्ययोजनाएं एक सप्ताह के अंदर तैयार होकर उसके प्रस्ताव शासन में प्रेषित हो जाने चाहिए। जलनिकासी योजना में अछनेरा, बाह, जगनेर, फतेहाबाद और पिनाहट द्वारा प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किए जा चुके हैं जबकि सीकरी, खेरागढ़ का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि इस बारिश में जिस भी निकाय क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या हुई है उसे ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव में शामिल किया जाए। कार्य होने के पश्चात् यदि भविष्य में अगर किसी निकाय क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हुई तो फिर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। उपवन योजना में किसी भी निकाय द्वारा एक भी प्रस्ताव तैयार न करने पर प्रत्येक निकाय से एक-एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम आगरा क्षेत्र में वार्षिक कार्ययोजना को लेकर नगरायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि सड़क, साइड पटरी और पार्क से संबंधित लगभग 157 करोड़ के 170 कार्ययोजनाएं हैं, जिनमें से 67 करोड़ की योजनाओं की निविदा स्वीकृत हो चुकी है। जलनिकासी हेतु लगभग 60 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए गये हैं। उपवन योजना हेतु सिकन्दरा क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टे की भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। छावनी बोर्ड की लीगेसी साइट से जल्द से जल्द सालिड वेस्ट का पूर्ण निस्तारण किया जाए।
नगर निगम मथुरा नगरायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि डोर टू डोर कूड़ा कलैक्शन में प्रतिदिन 350 टन कूड़ा शहर से एकत्रित कर लैण्डफिल साइट पर डाला जा रहा है जहां कूड़ा निस्तारण को सीएसआर के सहयोग से साइट तैयार की गयी है।
जनपद फिरोजाबाद से 7 निकायों द्वारा नये कार्ययोजनाओं के प्रस्ताव शासन में प्रेषित किए जा चुके हैं। जिसमें जसराना और फरिहा के प्रस्ताव अभी तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गये। पोर्टल पर अपलोड कर प्रस्ताव शासन में प्रेषित करने के निर्देश दिए। प्रोसेसिंग फैसिलिटि में सिरसागंज, जसराना और फरिहा निकाय में बने एमआरएफ सेंटर को 15 सितंबर तक पूर्ण क्रियाशील बनाये जाने के निर्देश दिए।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की रैकिंग के अन्तर्गत ओडीएफ की समीक्षा की गयी। आगरा में शमशाबाद, दयालबाग और स्वामीबाग, फिरोजाबाद में टूंडला और मथुरा में गोकुल ही ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी में है। निर्देश दिए गये कि चारों जनपदों में जो भी नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी में नहीं हैं, उन सभी को ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी में लाने को 10 सितंबर तक सभी आवश्यक मानकों पर जो कमियां रह गयी हैं, उन्हें दूर करते हुए सभी मानकों को पूरा किया जाए।











