आगरा। फसल चोरी के मामले में 40 साल बाद पीड़ित को न्याय मिला है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमित चौधरी ने 11 आरोपियों को पांच-पांच साल के कारावास और दो-दो हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
बता दें कि 18 अप्रैल 1983 को खेरागढ़ के रहने वाले अजब सिंह ने शिकायत की थी कि उनके खेत में गेहूं की फसल कटी हुई रखी थी। हरि सिंह, श्री राम, बद्री, भीका, उदल, ज्वाला, पोखन, रणवीर, हुबलाल, संपत्ति, लाखन, देवा, चोबा, मांगे, विजय, देवा, लखपत, बच्चू पुत्र नेहल, बलवीर, भरत,दंगल, कारे, राम खिलाड़ी, बच्चू पुत्र रामखिलाड़ी, रामगोपाल कल्याण सिंह निवासी ब्रिजा का नगला ने समूह बनाकर तमंचे के बल पर उनके खेत में से करीब 100 मन गेहूं चोरी कर लिया था। मामले में थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपों को सही पाते हुए चार्जशीट लगाई थी। लंबे समय से केस की सुनवाई चल रही थी। वर्तमान में केस की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमित चौधरी की कोर्ट में चल रही थी। इधर केस चलने के दौरान 15 लोगों की मृत्यु हो गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले में सभी के बयान कराने के बाद अपना निर्णय सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 11 लोगों को सजा सुनाई है। इनमें भीका, पोखन, रणवीर, संपत्ति, लाखन, देवा, बलवीर, भरत, दंगल, रामगोपाल, बच्चू पुत्र राम खिलाड़ी शामिल हैं।












