आगरा। कमला नगर में डायग्नोस्टिक सेंटर पर गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को सिस्टम सुधार संगठन द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा उनको गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी गई। जब उन्होंने दूसरे अस्पताल में जांच कराई तो पता चला कि उन्हें अल्ट्रासाउंड में जो बीमारी बताई गई थी, वह नहीं थी। इसके बाद उन्होंने निदेशक से शिकायत की लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की।
सिस्टम सुधार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर ने डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक डॉक्टर सुभाष कुमार वर्मा पर आरोप लगाया कि दीपावली से पहले उन्हें कुछ परेशानी हुई थी, जिसके लिए वह यहां पर अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। निदेशक द्वारा बताया गया कि उनको फैटी लीवर की समस्या है। इससे उनके इलाज पर हजारों रुपये खर्च हुए। जब दर्द होता था तो उन्हें सुपर स्पाज्म इंजेक्शन लगता था, जिससे दर्द बंद होता था। काफी समय तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद किसी ने उन्हें सलाह दी कि आप दिल्ली में जाकर अपना इलाज कराओ। मैंने दूसरी जगह से अपना अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि मुझे फैटी लीवर की समस्या नहीं बल्कि मेरे गॉल ब्लैडर में पथरी थी। जो कि सुपर स्पाज्म इंजेक्शन लगने की वजह से सड़ने लगी है। अगर ऑपरेशन नहीं कराया गया तो कुछ समय बाद इसकी वजह से शरीर में इन्फेक्शन फैल जाएगा और जान जाने का खतरा हो जायेगा। उन्होंने बताया कि जब निदेशक से हमने यह बात कही तो वह सॉरी बोलने या माफी मांगने की बजाय हमें ही उल्टा गलत बताने लगे। इस पर वह डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर धरने पर बैठे गए। डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक का कहना है कि जब इन्होंने हमें बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत है तो हमने इनसे कहा कि आप दोबारा हमारे पास आइए, हम दोबारा से जांच करेंगे। लेकिन यह हमारे पास नहीं आए। हमारे ऊपर जो भी आरोप उनके द्वारा लगाए गए हैं, वह झूठे हैं।











