आगरा। छत्ता थाने की जीवनी मंडी चौकी में जिस नाबालिग को थर्ड डिग्री दी गई है वह घटना के तीन दिन बाद भी सहमा हुआ है। पुलिस द्वारा की गई बर्बरता को वह भूल नहीं पा रहा है। उसके दोनों पैर सूज गए हैं जिन पर गर्म पट्टी बांधी गई है। दोनों पैरों में भयंकर दर्द हो रहा है। वह चल भी नहीं पा रहा है। उसका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उसके जख्मों में मिर्च भी झोंकी थी।आरोप है कि वह उसे जब पीट रहे थे तो हंस भी रहे थे। जैसे-जैसे डंडे टूट जाते पुलिसकर्मी उतना ही प्रसन्न होते जा रहे थे।
जीवनी मंडी चौकी में 17 वर्षीय नरेंद्र कुशवाहा को थर्ड डिग्री दी गई, उसे घसीट घसीट कर पीटा गया। उसके पैर के अंगूठे के नाखून उखाड़ लिए गए। नरेंद्र का कहना है कि पुलिस के इस जुल्म को वह कभी नहीं भूलेगा। पुलिस की छवि उसकी नजरों में हमेशा के लिए खराब हो गई है। नरेंद्र ने बताया है कि वह पुलिसकर्मियों के पैरों में भी लिपटकर रोया था और छोड़ने के लिए रहम की भीख मांगी थी, लेकिन पुलिस कर्मी लगातार उसे पीटते जा रहे थे। वह बार-बार यह भी बोल रहा था कि मेरे घर वालों को बता दो उन्हें बुला लो। लेकिन पुलिसकर्मी उसके तलवों पर डंडे तोड़ते जा रहे थे। उसका कहना है कि एक समय तो उसे यह लगा वह जिंदा नहीं बच पाएगा। नरेंद्र का कहना है कि जुल्म की इंतहा तो जब हो गई जब उसके नाखुन के जख्मों पर पुलिस कर्मियों के द्वारा जल्लादों की तरह मिर्च भी झोंकी गई। उस दौरान उसे ऐसा लगा कि उसके प्राण निकल गए। उसका कहना है कि चार पुलिसकर्मियों ने उसके पैर के तलवों पर डंडे बरसाए थे। चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा था कि तुझे थाने ले जा रहे हैं इंस्पेक्टर के सामने कुछ मत बोलना नहीं तो जान से मार देंगे। थाने में पहुंचने पर वह इंस्पेक्टर के सामने कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर सका। उसका कहना है कि उसे न्याय मिलना चाहिए। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।











