आगरा। कागारौल क्षेत्र में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के 30 लाख से भरे एटीएम को उखाड़ कर ले जाने वाले तीन शातिरों को एसओजी और पुलिस ने दबोच लिया है। चार अन्य साथी फरार हैं। पूछताछ में सामने आया है यह गैंग गूगल तकनीक की मदद लेकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया करता था।
डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने बताया कि बीती आठ जनवरी को कागारौल स्थित एसबीआई शाखा से शातिर चोर आधी रात को पूरा एटीएम चोरी कर ले गए थे। उसमे करीब 30 लाख कैश था। थोड़े दिन बाद एटीएम पास की सिकरौदा नहर में पड़ा मिला था, लेकिन उसमें से पूरा कैश गायब था। उन्होंने बताया कि इस चोरी की वारदात को अंजाम राजस्थान के एक पेशेवर गैंग ने दिया था जिसके तीन सदस्य संतोष सैनी, नरेश उर्फ दिनेश मीणा और विष्णु कुमार सैनी पकड़ लिए गए हैं। इनके पास से तीन लाख, 67 हज़ार कैश, तीन मोबाइल फोन और एक कार बरामद हुई है। इनके चार साथी अभी भी फरार हैं, उनकी तलाश जारी है। गैंग ने राजस्थान में भी इसी तरह की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। पकड़े गए शातिर चोरों ने पूछताछ में बताया कि चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए एक महीने पहले रेकी की थी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस जगह पर चोरी करते हैं वहां गूगल मैप पर देखते हैं कि चोरी करने वाले स्थान के आसपास कोई टोल तो नहीं है। जिससे टोल पर लगे सीसीटीवी में कैद न हो सकें। कागारौल से एटीएम चोरी करने के बाद गूगल मैप की सहायता से ही सिकरौदा नहर वाले रास्ते से भाग निकले थे। जहां से सभी बदमाश राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गए थे।











