आगरा। मलपुरा में राजकीय संप्रेक्षण गृह, किशोर, का बुधवार को न्यायिक अधिकारियों के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण समिति के द्वारा किशोरों के पलंग की तलाशी ली गई तो उसमे बीड़ी, तंबाकू जैसे पदार्थ पाए गए। एक किशोर के पास 2415 रूपये भी पाए गए। किशोर से पूछने पर अवगत कराया गया कि समोसा, कचौड़ी मंगवाने के लिए घर वालों ने दिए हैं।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आश्रय गृह निरीक्षण समिति की अध्यक्ष अपर जिला जज नसीमा खान, अपर जिला जज कनिष्क सिंह, अपर जिला जज डॉक्टर दिव्यानंद द्विवेदी, अपर जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रे मृत्युंजय कुमार, किशोर प्रधान न्यायाधीश मयूरेश श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट भव्या श्रीवास्तव अचानक राजकीय संप्रेषण गृह में पहुंच गए। न्यायिक अधिकारियों को देखकर वहां भगदड़ मच गई।
कर्मचारियों के द्वारा नियमित जांच एवं किशोर को दाखिला किए जाने के उपरांत उनके तलाशी के संबंध में पूछा गया तो किसी भी कर्मचारी ने कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। ऐसा प्रतीत हुआ कि यह सब कार्य प्रभारी अधीक्षक एवं कर्मचारियों की मिली भगत से होते हैं। जनपद न्यायाधीश विवेक संगल व शेल्टर होम समिति के द्वारा पाकशाला का निरीक्षण किया गया जिसमें पाकशाला में कार्य कर रहे रसोईया ने यह अवगत कराया कि मेनू के अनुसार किशोरों को भोजन दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान बन रही मटर पनीर की सब्जी में पनीर की मात्रा बहुत ही कम दिखाई दी। रसोईया से पूछा गया की कितनी मात्रा में आज सब्जी के लिए पनीर लिया गया है तो अवगत कराया कि आज 10 किलो पनीर लिया गया है। बनती हुई सब्जी को देखने में ऐसा प्रतीत हुआ तीन किलो पनीर का ही उपयोग सब्जी बनाने में किया गया है।
इसके अतिरिक्त आज मानसिक चिकित्सालय आगरा का भी औचक निरीक्षण किया गया। मानसिक चिकित्सालय में समुचित साफ-सफाई एवं भर्ती मरीजों को दिए जाने वाला खाना पीना सभी चीज दुरुस्त पाई गई।











