-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। कमिश्नरेट बनने के बाद आगरा में पुलिस के कई घिनोने मामले सामने आ रहे हैं। कहीं पुलिस हवालात में हिरासत में रखकर पिटाई कराकर बैनामा करा रही है। कहीं पुलिस पीड़ित के खिलाफ उल्टा एसिड अटैक का मुकदमा दर्ज कर रही है। तो कहीं पुलिस कब्जा कराने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कर निर्दोष लोगों को जेल भेज रही है। ताजा मामला जगनेर का आया है। छेड़छाड़ पीड़िता के आत्महत्या किए जाने के मामले में उसके पिता का आरोप है उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था। थानाध्यक्ष जगनेर अवनीत मान ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए 50 हजार रुपये मांगे थे। पैसे नहीं देने पर पुलिस ने दुष्कर्म की जगह छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया।
बता दें कि जगनेर में एक युवती ने आत्महत्या कर ली है। मामले में अधिकारियों ने दरोगा को सिर्फ लाइन हाजिर किया है, जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इधर पीड़िता के पिता ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। शिकायती प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था। वह उस समय पंजाब में थे। जानकारी पर वह वापस आए और इसके बाद थाने पहुंचे। थाने में थानाध्यक्ष अवनीत मान, सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, महिला कांस्टेबल ज्योति ने बेटी को डरा धमकाकर अपने पक्ष में सारे बयान करा लिए। जब बेटी ने कहा बलात्कार की धारा कौन सी होती है तो थानाध्यक्ष व महिला कांस्टेबल दोनों ने कहा 354 होती है। इसके अलावा उन्होंने कहा क्या तुम्हारे कहने पर किसी पर रेप का केस लगा देंगे। अगर ज्यादा बोलोगे तो तुम्हें और तुम्हारे मां-बाप को जेल भेज देंगे। पिता ने आरोप लगाया है कि थानाध्यक्ष ने कहा कि मैं सभी को जेल भेज दूंगा आप मुझे 50 हजार दे दो। जब हमने पैसे नहीं दिए तो कहने लगे क्या कर लोगे। किसी के साथ कोई रेप नहीं हुआ है। ना ही मेडिकल कराया। नौ मार्च को शाम 4:00 गौतम पुत्र गंगा, शिवकुमार पुत्र गंगा, जगदीश पुत्र रामदयाल, दीवान पुत्र जगदीश यह लोग घर पर आए और बेटी को खींचा और कहा हमारे बेटे ने तेरे साथ रेप किया। तूने क्या कर लिया। अब तेरा रोड पर डालकर रेप करेंगे। इसके बाद वह बेटी को खींच ले गए। पिता ने कहा वह शरीर से विकलांग हैं, उन्होंने हाथ पैर छुए कि मेरी बेटी को छोड़ दो। हम आपके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे तो आरोपी कहने लगे कि तुझे गोली मारेंगे। चीख पुकार सुनकर मिलने वालों ने हमें बचाया। पिता ने प्रार्थना पत्र में लिखा है की बदनामी और थानाध्यक्ष के द्वारा न्याय नहीं मिलने की वजह से बेटी ने सोचा कि यह लोग मुझे वह मेरे परिवार को छोड़ेंगे नहीं। बार-बार मेरा रेप करेंगे। इसी बात से आहत होकर बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके जिम्मेदार सभी पुलिसकर्मी हैं। बेटी के द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद जब उनकी मां तहरीर देने के लिए थाने में पहुंची तो थानाध्यक्ष के द्वारा तहरीर बदल दी गई और कोई न्याय नहीं दिलाया गया।
थानाध्यक्ष ने पीड़ित से डलवाया गोबर, लग चुके आरोप
धनौली (मलपुरा) निवासी शैलेंद उर्फ रिंकू पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के सामने शिकायत लेकर पहुंचा था कि पत्नी घर का सामान लेकर चली गई है। पुलिस कमिश्नर ने थाना मलपुरा फोन कर उसकी मदद के आदेश दिए थे। वह मलपुरा थाने पहुंचा। थाना प्रभारी ने बात सुनी। जांच में सामने आया पत्नी ने जगनेर में किराए पर मकान लिया है। वहां सामान बंद करके अपने मित्र के साथ चली गई थी। इस जानकारी पर एसओ मलपुरा ने जगनेर थाना प्रभारी को फोन किया। बताया कि पुलिस कमिश्नर साहब का फोन आया था। पीड़ित की मदद करनी है। 20 जुलाई को वह थाना जगनेर पहुंचा। थानाध्यक्ष जगनेर अवनीत मान ने उसकी बात सुनी, उससे कहा कि मदद करेंगे, उसे थाना परिसर में ही एक कमरा दे दिया। कहा कि वह थाने में रहे। पीड़ित का आरोप था कि थाने में पुलिस कर्मी उससे काम कराने लगे। कोई कपड़े धुलवाता तो कोई झूठे बर्तन साफ कराता। 18 अगस्त तक उसने थाने में मजदूरी की। उसके बाद थानाध्यक्ष ने उससे कहा कि गांव में उनका मकान बन रहा है। वहां देखरेख के लिए जाना है। वापस लौटकर आएगा तो सामान वापस दिला देंगे। थाने में तैनात मुंशी अक्षय उसे लेकर आईएसबीटी आया। एक बस में बैठाया। परिचालक पुलिस का परिचित था। परिचालक ने उसे बड़ौत (बागपत) छोड़ा। वहां थानाध्यक्ष के पिता मिले। अपने गांव सिनौली (बड़ौत) ले गए। वहां उसके साथ जानवरों जैसा व्यवहार हुआ। भैंसों का गोबर उठवाया गया। घर वापस करने की जिद करने पर उसे पीटा गया। एक महीना दो दिन वह कैद में रखा। घर में दिक्कत है यह बहाना बनाने पर थानाध्यक्ष ने थाने से अक्षय मुंशी को भेजा। अक्षय मुंशी वहां से उसे थाने लेकर आया। थाने में थानाध्यक्ष ने उसे धमकाया। जेल भेजने की धमकी दी। सामान वापस नहीं दिलाया। दोबारा थाने में रख लिया। मजदूरों की तरह काम कराया। 15 अक्तूबर को वह थाना पुलिस की कैद से छूटा।











