–गौरव प्रताप सिंह—
आगरा। नैक संबंधी तैयारियों को लेकर राजभवन में सोमवार को बैठक हुई। विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक जिन तैयारियों के साथ राजभवन में गए थे उनसे राजभवन असंतुष्ट नजर आया। राजभवन ने विश्वविद्यालय की कुलपति सहित पूरी टीम से बेहतर तरीके से तैयारी कर दोबारा राजभवन में आने के लिए कहा है। इसके साथ ही तीन शिक्षकों के नहीं उपस्थित होने पर नाराजगी भी जताई है।
बता दें कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से नैक का निरीक्षण नहीं हुआ है। जल्दी ही निरीक्षण होने की संभावना है। राजभवन ने विश्वविद्यालय के द्वारा की जा रही तैयारियों को लेकर समीक्षा की। इस दौरान कुलाधिपति स्वयं मौजूद रहीं। कुलाधिपति के ओएसडी ने विश्ववद्यालय की टीम से पूछा कि परीक्षा होने के बाद रिजल्ट कितने दिन में निकाला जाता है? इस पर जवाब दिया गया कि 21 दिन के अंदर रिजल्ट निकाल दिया जाता है। इस पर ओएसडी ने पूछा कि मान लीजिए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा 5 को सेकंड की 10 को और थर्ड की 15 को खत्म हुई तो 21 दिन 5 तारीख से लगाए जाएंगे या 15 तारीख से। इस सवाल पर सन्नाटा छा गया। परीक्षा नियंत्रक भी कुछ नहीं बोल सके। कुलसचिव ने आगे आकर बात को संभालने की कोशिश की और बताया कि एवरेज सात दिन का है। इसके साथ ही कुलाधिपति और ओएसडी इस बात को लेकर भी नाराज हुए की विश्वविद्यालय सिर्फ तीन छात्रों का ही फीडबैक लेकर गया था। ओएसडी पंकज जानी ने कहा कि इतने बड़े विश्वविद्यालय में सिर्फ तीन छात्रों का ही फीडबैक आया है। क्या किसी छात्र की कोई समस्या नहीं है। दूसरी ओर रिसर्च को लेकर उन्होंने कई सवाल किए जिसका एक भी प्रोफेसर एक भी उत्तर नहीं दे सके, जिसके बाद राजभवन काफी नाराज हुआ। इस पर उन्हें बताया गया कि जो प्रोफेसर रिसर्च का काम देख रहीं हैं, वह आज आई नहीं हैं। इसके बाद यह पूछा गया कि कितने लोग इतनी गंभीर बैठक में नहीं आए हैं। इस पर तीन लोगों प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह, प्रोफेसर अर्चना कक्कड़, प्रोफेसर विनीता सिंह के नाम बताए गए। इनका नहीं आने का कारण पूछा गया तो बताया कि एक प्रोफेसर का बेटा विदेश से आया है वह उसे स्टेशन पर लेने गए हैं। दूसरे का कारण बताया गया कि उनका बेटा बीमार है। तीसरे का कारण बताया गया कि बीमार हैं। इस पर राजभवन काफी नाराज हुआ। कुलाधिपति ने ओएसडी से रिसर्च वाली कमेटी को अलग से बुलाने के लिए कहा है। इधर ओएसडी ने जब छात्रों का फीडबैक चेक किया तो एक छात्र के फीडबैक में लिखा हुआ था कि वह कोर्स रिवाइज चाहता है। ओएसडी ने इस पर विश्वविद्यालय अधिकारियों से पूछा कि आपने इसका क्या सलूशन किया? इस पर सदस्यों ने जो उत्तर दिया उससे वह संतुष्ट नजर नहीं आए। इसके बाद सदस्यों का चेहरा लटक गया। ओएसडी ने साफ-साफ कहा कि आप जो तैयारियां करके आए हैं। वह ए प्लस वाली हैं ए प्लस प्लस की तैयारियां करके दोबारा आइए। इसके साथ ही उन्होंने एक प्रोफ़ेसर से कहा कि जो गांव गोद ले रखे हैं उनमें जाकर सरकार की योजनाओं को पहुंचाइए। ओएसडी ने उन्हें एक नोटबुक भी दी। ओएसडी ने कहा कि गांव में जाकर वहां सर्वे कीजिए। गांव में कुपोषित, गर्भवती महिलाओं को आपने क्या लाभ दिलाया है, इस नोटबुक में फोटो के साथ अंकित कीजिए। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव राज्यपाल सुधीर एम बोबडे़ भी मौजूद रहे।











