आगरा। फिल्म ‘बड़ी बहन’ में कादर खान और असरानी जेब में पैसे नहीं होने पर भी एक ढाबे पर जाकर अनजान बनकर खाना खाते हैं। खाना खाने के बाद असरानी काउंटर पर जाता है। होटल वाला बोलता है 25 रुपए दीजिए असरानी बोलता है मैंने जो 30 दिए हैं उसमें से 25 लेकर 5 वापस कर दीजिए। इसके बाद दोनों में झगड़ा शुरू हो जाता है। इसी बीच कादर खान काउंटर पर पहुंचकर बोलते हैं कि क्यों झगड़ा कर रहे हो। इसी बीच एक पुलिस वाला आ जाता है। होटल वाला कादर खान से कहता है सेठ आप ही बताइए क्या आपके सामने इन्होंने पैसे दिए थे। इस पर कादर खान कहते हैं भाई तुम दोनों की लड़ाई में यह मत भूल जाना कि मैंने भी तुम्हें 100 रुपये दिए थे।
फिल्म में यह सीन देखने के बाद एत्माद्दौला निवासी शत्रु और टीटू इसी तरीके से दुकानों पर पहुंचते थे। इनमें से जो पहले पहुंचता था वह दुकानदार से झगड़ा करता था कि मैंने तुम्हें पैसे दे दिए हैं। अपने सामान के पैसे काट कर बाकी के पैसे वापस कर दो। दूसरा जोड़ीदार बोलता था कि मेरे सामने पैसे दिए थे। इनके पैसे वापस करिए। दोनों मिलकर अब तक सात आठ दुकानों पर जाकर इसी प्रकार चूना लगा चुके हैं। वह सुभाष नगर में अनुज प्रताप सिंह की दुकान पर भी पहुंचे। शत्रु ने अनुज से कहा कि मैंने आपको 500 रुपये दिए थे उसमें से बल्ब के 15 रुपये काटकर बाकी के 485 वापस कर दो। दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। दुकान पर पहले से अनजान बनकर पहुंचे टीटू ने कहा कि हां मेरे सामने पैसे दिए थे। अनुज को लगा दूसरा ग्राहक भी बोल रहा है तो पैसे दिए होंगे। अनुज ने जब अपना गल्ला खोल कर देखा तो उसमें एक भी नोट नहीं था। क्यों की सुबह से उसकी बोनी नहीं हुई थी। अगर शत्रु ने 500 दिए होते तो वे उसके गल्ले में होते। यह देख वह समझ गया कि दोनों चूना लगा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे में भी पैसे देने का सबूत नहीं मिलने पर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि हम इसी तरीके से दुकानदारों को चूना लगाते हैं। इंस्पेक्टर कमला नगर उत्तम चंद पटेल ने बताया कि दोनों को जेल भेज दिया गया है।










