आगरा। कार्य में लापरवाही पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने एक पटल सहायक को निलंबित कर दिया। मामला छत्ता वार्ड में एक भवन के म्यूटेशन से संबंधित है।
स्व. उमा देवी पत्नी स्व. अमर नाथ बंसल द्वारा भवन के नामांतरण के संबंध में भवन स्वामी द्वारा दर्ज कराई गयी शिकायत में कहा गया था कि भवन स्वामी 21-18 डी का मालिक है। जिसका क्षेत्रफल 1080.28 वर्ग मीटर है। इसमें से मात्र करीब 288.34 वर्ग मीटर का विक्रय श्री गिर्राज किशोर बंसल पुत्र स्व. श्री राम बाबू बंसल को आठ सितंबर 2021 को कर दिया गया था। लेकिन नगर निगम के कर निर्धारण के लिए इस प्रोपर्टी के पूर्ण भाग पर ही श्री गिर्राज किशोर बंसल का नाम दर्ज कर दिया गया है जबकि वह सिर्फ एक भाग के ही हकदार हैं। इस संबंध में गिर्राज किशोर बंसल द्वारा संपत्ति के जुजभाग पर अपने नामांतरण के लिए पत्रावली नगर निगम में दी गई थी। उक्त पत्रावली की समय सीमा पूर्ण होने के बाद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में नगर निगम पोर्टल के साफ्टवेयर में तकनीकि त्रुटि के चलते जुजभाग से संबंधित पत्रावलियों में जुजभाग का नाम दर्ज होने ही जगह भवन स्वामी के स्थान पर मूल भवन संख्या पर आवेदक का नाम दर्ज कर दिया गया है। आवेदक को पृथक भवन संख्या आवंटित होने के बाद भी मूल भवन संख्या पर आवेदक का ही नाम दर्ज रहा जिसे वार्ड लिपिक द्वारा पत्रावली स्वीकृत कराने के उपरांत कम्प्यूटर पोर्टल पर संशोधित कराना होता है। भवन पर आवेदक के द्वारा जुजभाग में नामांकन की प्रार्थना की गई थी। जिसकी सूचना धारा 213-1 के द्वारा आवेदक एवं शिकायत कर्ता को दे दी गई थी। शिकायत के उपरांत इंस्पेक्टर के द्वारा संबंधित लिपिक पियुष कुमार सिंह को अपनी रिपोर्ट देकर इसे सही करने के निर्देश दिये थे। इसके बावजूद लिपिक ने पोर्टल पर सही सूचना दर्ज करने के जगह फाइल को ही दबा दिया। जबकि नियमानुसार उसे 24 घंटे के भीतर ही रिकार्ड को सही करना था। पार्षद मुरारी लाल अग्रवाल ने नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर इसकी शिकायत थी। नगरायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी को इसकी जांच के आदेश दिये थे। जांच में बाबू की लापरवाही सामने आने पर नगरायुक्त ने उक्त बाबू को निलंबित करने के आदेश दिये हैं।











