आगरा। मंगलवार को मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने आगरा विकास प्राधिकरण की योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की। इसमें निर्देश दिए गए कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाए।
बैठक में नये शहर प्रोत्साहन के तहत प्रस्तावित एत्मादपुर मदरा और ककुआ-भांडई योजना की समीक्षा की गई। एत्मादपुर मदरा में भूमि पर कब्जा लेने को भूधारकों, किसानों के साथ अलग से बैठक करने के निर्देश दिए गए। वहीं ककुआ-भांडई योजना में सहमति के आधार पर भूमि को क्रय करने व संबंधित विभाग की पूरी टीम लगाकर एडीए के पक्ष में जल्द से जल्द बैनामे की पूर्ण कार्यवाही कराने के निर्देश दिए।
एडीए लैंड बैंक पर प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की गयी। 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड के पास कई ऐसे लैंड पार्सल हैं जिनका एडीए द्वारा अधिग्रहण कर किसानों को मुआवजा भी दे दिया गया लेकिन मौके पर कब्जा नहीं लिया गया। मंडलायुक्त ने मौके पर कब्जा लेने और शेष भूमि का अर्जन करने के लिए किसानों से बातचीत कर कब्जा लेने के निर्देश दिए। न्यू यातायात नगर से संबंधित उचित जानकारी और सही स्थिति उपलब्ध न कराये जाने पर मंडलायुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। पुरानी यातायात नगर, कैटल कालोनी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ट्रांसपोर्टरों और डेयरी संचालकों के साथ अलग से बैठक कर उचित समाधान निकालने व इन योजनाओं से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री को उचित प्रयास करने के निर्देश दिए गये। फतेहाबाद रोड योजना में एडीए द्वारा अर्जित की गयी लगभग 90 हेक्टेअर भूमि में से 65 हेक्टे. भूमि स्थल का कम्पैक्ट नहीं होने पर संबंधित किसानों से बातचीत करने एवं पूर्ण अर्जित भूमि पर कब्जा लेने को निर्देशित किया गया। वहीं फतेहाबाद रोड पर एडीए के खाली पड़े कई लैंड पार्सल पर विशेष तौर पर अच्छी लोकेशन वाले लैंड पार्सल पर ग्रुप हाउसिंग, कॉमर्शियल या अन्य किसी प्रोजेक्ट को लेकर प्लानिंग करने एवं ले आउट डिजायन करने को निर्देश दिए गए। इसके अलावा बोदला ग्रह विस्तार योजना में सीलिंग भूमि का कब्जा प्राप्त करने को संबंधित विभाग के साथ अलग से बैठक कर पूर्ण भूमि को अर्जित करने के लिए विकल्प तलाशने के निर्देश दिए। साथ ही एडीए उपाध्यक्ष को निर्देश दिए कि एडीए की समस्त योजनाओं में कुल कितनी हेक्टेअर भूमि उपलब्ध है। जितनी भूमि पर कब्जा लेना शेष है, कब्जा लिया जाए। जिस भूमि पर कब्जा लिया जा चुका है, उसकी बिक्री के लिए प्लानिंग की जाए।
बैठक में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत आबंटित एवं रिक्त संपत्तियों के विवरण की समीक्षा की गयी। आंवटित भूखंडों की संख्या 16534 और रिक्त की संख्या 114 बतायी गयी। आंवटित भूखडों का वेरीफिकेशन कराने एवं रिक्त पड़ी विवादित भूखंडों की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के साथ विवाद का कारण ढूंढ़ने एवं इसमें उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गये।
बकायेदारों के बकाए धनराशि विवरण की समीक्षा भी की गई। अवगत कराया गया कि जनवरी माह में हुई पिछली बैठक के बाद से आवासीय संपत्ति में लगभग 100 बकाएदारों के आवंटन निरस्त किए गये हैं। वहीं अनावासीय में किसी भी बकाएदार का आवंटन निरस्त नहीं किया गया। जबकि 4600 से अधिक बकाएदार हैं। बकाएदारों के खिलाफ कार्यवाही में खानापूर्ति करने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और सभी बकाएदारों के आंवटन निरस्त की प्रक्रिया को शुरू करने निर्देश दिए। वहीं एडीए द्वारा जो 664 अवैध कालोनियां चिन्हित की गयीं हैं उन सभी में सील की कार्यवाही की जाए, यह निर्देश भी दिए गए।











