आगरा। पिनाहट में हुए दोहरे हत्याकांड और डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या और डकैती को अंजाम देने वाले चार बदमाश पकड़ कर जेल भेज दिए गए हैं। बदमाशों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों की एसएसपी ने पीठ थपथपाई है।
तीन जुलाई को पिनाहट कस्बा में सुरेश चंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी कृष्णा का शव उनके आवास में मिला था। दोनों की हत्या कर घर में डकैती डाली गई थी। मौके पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी पहुंचे थे। बदमाश सीसीटीवी में कैद हो गए थे। पुलिस हत्या और डकैती डालने वाले बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी हुई थी। सीसीटीवी में कैद हुए एक बदमाश की शिनाख्त शेरा के रूप में हुई। शेरा की निशानदेही पर पुलिस ने गोलू, विपिन, महेंद्र को भी पकड़ लिया। पूछताछ में गोलू और विपिन ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि घर में दो बुजुर्ग लोग ही रहते हैं। यहां डकैती को बड़ी आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। दिवाली के समय भी हमने घर की रेकी की थी। किसी कारणवश डकैती को अंजाम नहीं दे सके थे। 2 जुलाई की रात हम घर में डकैती डालने के लिए पहुंचे। सबसे पहले हम जब घर में गए तो वहां से इनवर्टर की बैटरी चोरी करने की कोशिश की। बैटरी भारी होने के कारण हम बाहर आ गए। दोबारा से चोरी की रणनीति बनाकर अंदर गए। आवाज सुनकर सुरेश चंद गुप्ता और कृष्णा जाग गए। इसके बाद हमने सुरेश चंद गुप्ता और कृष्णा की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद 1,51,000 और आभूषण लेकर वहां से भाग गए।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इनका एक साथी मंगल सिंह निवासी मुस्कुरा अभी फरार है। पुलिस उसको गिरफ्तार करने के लिए भी दबिश दे रही है। पुलिस ने चारों बदमाशों के पास से 97000 नगद और कुछ सोने के आभूषण बरामद किए हैं। एसएसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को 25 हजार का इनाम भी दिया है। बदमाशों को पकड़ने वालों में स्वाट टीम के प्रभारी विनोद कुमार, एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित, थानाध्यक्ष पिनाहट कुलदीप सिंह, सीआईडब्लू प्रभारी प्रदीप कुमार, सर्विलांस प्रभारी सचिन धामा, स्वाट टीम के एसआई अजय कुमार, हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी, सूर्य प्रताप भदोरिया, वसीम अकरम आदि शामिल रहे।











