आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नवनियुक्त सचिव के द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। उनके दौरों को लेकर खलबली मची हुई है। शुक्रवार को उन्होंने राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर का औचक निरीक्षण किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता सिंह को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। शुक्रवार को वह जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंची थीं। वहां उन्होंने बंदियों से बात की थी कि उन्हें जेल के अंदर परेशान तो नहीं किया जाता है। शुक्रवार को वह अचानक राजकीय संप्रेषण गृह में पहुंच गईं। किशोरों के कक्ष, लाइब्रेरी, चिकित्सा कक्ष, संस्थान में साफ- सफा, व किशोरों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थान में हो रही दैनिक गतिविधियों का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रभारी अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किशोरों के सर्वांगीण विकास को पढ़ाई लिखाई, दैनिक योगा (मेडिटेशन), किशोरों के सुधारात्मक परिवर्तन के लिए हो रही दैनिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिये जाने तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दुरुस्त कराए जाने व संस्थान की समुचित साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रभारी को यह भी निर्देशित किया गया कि संस्थान में कोई भी किशोर ऐसा ना हो जिसके पास मुकदमे की पैरवी किए जाने के लिए अधिवक्ता उपलब्ध न हो, ऐसे किशोर को चिन्हित कर उनका पत्र निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त किए जाने के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगरा को प्रार्थना पत्र भेजें। इसके बाद वह राजकीय बाल गृह(शिशु) का निरीक्षण करने पहुंचीं। संस्थान में निवासरत शिशु एवं बच्चों की देखरेख का जायजा लिया गया। साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु हो रही दैनिक गतिविधियों के संबंध में भी प्रभारी अधीक्षक से पूछताछ की गई। इसके संबंध में प्रभारी अधीक्षक के द्वारा यह अवगत कराया गया कि बच्चों को दैनिक विद्यालय व विशेष कक्षाएं की व्यवस्थाएं तथा योग आदि कार्यक्रम कराया जाता है। फिर भी प्रभारी अधीक्षक बेटा सिंह को निर्देशित किया गया कि संस्थान में समुचित व्यवस्था एवं किशोर के सर्वांगीण विकास को हो रही दैनिक गतिविधियों पर तथा बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।











