लखनऊ। यूपी में भी समान नागरिक संहिता को लागू करने की कवायद शुरू हो गई है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान से कुछ ऐसा ही महसूस होता है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर कमेटी बनाने की घोषणा कर दी है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समान नागरिक संहिता की मांग तेज होती जा रही है और यूपी के लोग भी इसका स्वागत कर रहे हैं। ऐसे में अब हमारी सरकार भी इस विचार कर रही है। हम इसका समर्थन करते हैं।
डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वादों में से एक है। डिप्टी सीएम के इस बयान पर राजनीति गरमानी तय है। यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब होता है समान नागरिक संहिता। भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होते हैं ,फिर चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, समुदाय से संबंधित क्यों न हो। समान नागरिक संहिता में शादी, तलाक और जमीन जायदाद के हिस्से में सभी धर्मों के लिए केवल एक ही कानून लागू किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि सभी नागरिकों के लिए एक कानून होगा। इसका किसी भी समुदाय से कोई संबंध नहीं होगा। इस कोड के तहत राज्य में निवास करने वाले लोगों के लिए एक समान कानून का प्रावधान किया गया है। इससे धर्म के आधार पर मिलने वाली छूट से लोगों को वंचित होना पड़ेगा। इसी मामले को लेकर इसके विरोध में स्वर उठते रहे हैं।











