आगरा। मृतक रफीक का शव 9 महीने बाद कब्र से बाहर निकाला गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जल्दी रफीक की मौत की सच्चाई सामने निकलकर आएगी।
गांव चौमा निवासी रफीक पेंटर का कार्य करता था। रफीक की पत्नी साबना ने कोर्ट के आदेश पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि 15 अक्तूबर 2021 को मोहल्ले के ही पप्पू, दिलवर, वकील, शकील और नसीब से रफीक की कहासुनी हो गई थी। इस दौरान आरोपियों ने उनको बेरहमी से पीटा था। पति ने पुलिस में शिकायत की तो वह उसे राजीनामा करने की बात कहकर घर से बाहर ले गए। काफी देर बाद भी वह लौटकर नहीं आया। 19 अक्तूबर 2021 को सभी आरोपियों ने उसके पति के शव को बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया। जिलाधिकारी के आदेश पर आज एसीएम फोर्थ की देखरेख में रफीक का शव उसकी कब्र से बाहर निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि रफीक की हत्या हुई थी या नहीं?










