आगरा। जगदीशपुरा में करोड़ों रुपए की जमीन पर मौके पर तीन दिन कब्जे का कार्य चला था। ऐसा पुलिस की जांच में सामने आ रहा है। पहले दिन सिर्फ गेट पर रंग पुतवाया गया था। दो दिन में रात को दीवार खड़ी कराई गई थी। दिन में सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे।
50 करोड़ की जमीन पर कब्जा कराने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया था। मामले में तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम पहलवान और अमित अग्रवाल जेल में हैं। पुलिस को बिल्डर, किशोर बघेल और आनंद जुरैल की तलाश है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि बिल्डर की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम को लगाया गया है। इनाम की राशि जल्द ही बढ़ाकर 25 हजार करने की तैयारी है। ताकि बिल्डर पर दबाव बनाया जा सके। जल्द ही विवेचक द्वारा कोर्ट में कुर्की पूर्व नोटिस के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। कुर्की पूर्व नोटिस के आदेश मिलते ही बिल्डर के घर पर मुनादी कराई जाएगी। पुलिस ढोल लेकर बिल्डर के घर जाएगी। यह मुनादी कराएगी कि बिल्डर पुलिस का वांछित है।
इधर पुलिस को छानबीन में पता चला है कि 19, 20 और 21 अक्तूबर को तीन दिन में करोड़ों के भूखंड पर कब्जा किया गया था। पहले दिन मौके पर लगे गेट पर काला रंग पुतवाया गया था। आनंद जुरैल नाम का युवक रंग करने वालों को लेकर पहुंचा था। पहले गेट पर एक माननीय का नाम लिखा हुआ था। उसके बाद गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। रात के समय भूखंड की एक तरफ की दीवार बनवाने का काम किया गया था। इस दौरान थाने से मौके पर कोई नहीं पहुंचा। कब्जे के दौरान बिल्डर, पुरुषोत्तम पहलवान, किशोर बघेल सहित करीब एक दर्जन लोग मौके पर पहुंचे थे। सभी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। किशोर बघेल ने डकैती के मुकदमे में समर्पण के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट ने इस मामले में थाने से आख्या मांगी है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि पुलिस ने दीवानी के आस-पास जाल बिछा दिया है। कोई आरोपित गुपचुप समर्पण करके जेल गया तो पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेगी।
वीडियो सोशल मीडिया पर चलाने वाले दो मीडिया कर्मियों से हुई पूछताछ
26 अगस्त को जगदीशपुरा थाने में तैनात एसआई विकास कुमार ने कुशवाहा परिवार के तीन लोगों के पास से नौ किलोग्राम गांजा बरामद दिखाया था। मुकदमा फर्जी है। इस बात को पुलिस मान चुकी है। फिर भी विकास कुमार अभी तक मुकदमे में आरोपित नहीं बना है। इस कार्रवाई से पहले 25 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें दो युवक दिख रहे थे। एक युवक दूसरे को कुछ दे रहा था। वीडियो में यह दावा किया गया था कि बैनारा फैक्ट्री के पास रवि और अरुण गांजा बेचते हैं। यह वीडियो किसने बनाया था। पुलिस यह पता लगा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि वीडियो कार्रवाई से पहले साजिश का एक हिस्सा था। वीडियो सोशल मीडिया पर चलाने वाले दो मीडिया कर्मियों से बुधवार को पूछताछ की गई। दोनों ने एसओ जगदीशपुरा कुशलपाल सिंह को अपने बयान दर्ज कराए। साक्ष्य दिए। बताया कि वीडियो एक कैमरामैन ने दिया था। पुलिस ने उस कैमरामैन को फोन किया तो उसने कहा कि वह शादी में दो दिन तक व्यस्त रहेगा।











