आगरा। महाकवि गोपालदास की जयंती पर विश्वविद्यालय के आईटीएचएम विभाग के प्रोफेसर लवकुश मिश्रा ने कुलपति को पत्र लिखकर उनके नाम पर मेडल देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि उनके नाम पर मेडल नहीं दिया जाना खेद का विषय है।
बता दें कि बुधवार को महाकवि गोपाल दास नीरज की जयंती थी। नीरज फाउंडेशन के द्वारा सूरसदन प्रेक्षागृह में “एक सुरमयी शाम…. नीरज के नाम, फूलो के रंग से…” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में रहे केंद्रीय कानून राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा कि ऐसे कवि को सलाम जो ताउम्र प्रेम को शब्दों में ढालता रहा पर प्रेम की गलत व्याख्या को कड़े शब्दों में धिक्कारता भी रहा। गीतों के राजकुमार कहे जाने वाले हिन्दी के महान गीतकार श्री गोपाल दास नीरज की जीवन यात्रा स्वयं एक गीत के समान रही।

स्वरलहरियों के चढ़ाव-उतार को अमूल्य शब्दों से सजाने वाले नीरज जी खुद समय के मोड़ पर खड़े होकर अपनी जिंदगी को देखते हुए कहते हैं ‘और हम झुके-झुके मोड़ पर रुके-रुके उम्र के चढ़ाव का उतार देखते रहे।’
इधर विश्वविद्यालय में आईटीएचएम के निदेशक प्रोफेसर लवकुश मिश्रा ने कुलपति प्रोफेसर आशु रानी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि गोपालदास नीरज विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। साथ ही वह पदमश्री से भी सम्मानित हैं, उनके नाम पर हिंदी विषय में मेडल ना होना अत्यंत खेद का विषय है और हमारे लिए शर्मिंदा करने वाला भी।
पूर्व कुलपति पाठक के कार्यकाल में मेडल में भी हुआ गोलमाल
आगरा। विश्वविद्यालय के कर्मचारी नेता डॉ. आनंद टाइटलर का कहना है कि पूर्व कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के कार्यकाल में कई मेडल गलत तरीके से दिए गए हैं। किसी भी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले या सम्मानित व्यक्ति के नाम पर मेडल दिया जाना चाहिए लेकिन विश्वविद्यालय में कई शिक्षकों ने अपने बच्चों के नाम पर पूर्व कुलपति प्रोफेसर पाठक से मेडल स्वीकृत करा लिए। यह निंदनीय है। वह एसटीएफ को इस विषय पर भी जांच करने के लिए पत्र लिखेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे।











