आगरा। भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के मामले में बुधवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में पुलिस आख्या को लेकर कानूनी बहस हुई। यह बहस अनुज कुमार सिंह, विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए की अदालत में हुई, जहां वादी पक्ष की ओर से पुलिस की कार्यवाही पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। अदालत ने मामले में आगे की बहस के लिए 6 मार्च 2026 की तिथि नियत कर दी है।
वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान एवं राजवीर सिंह ने लंबी बहस करते हुए दलील दी कि पुलिस ने न्यायालय के निर्देशों का पालन किए बिना पुनः पूर्ववत आख्या प्रस्तुत कर दी है। अधिवक्ताओं ने अदालत को अवगत कराया कि मामले में कंगना रनौत का कोई बयान पुलिस द्वारा दर्ज नहीं किया गया, जबकि यह न्यायालय के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। वादी पक्ष ने यह भी कहा कि कंगना रनौत की ओर से उनकी अधिवक्ता अनसूया चौधरी द्वारा बयान दिया गया है, जो कानूनी दृष्टि से असंगत है। बहस के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय से सीधा प्रश्न किया कि क्या कानून किसी अधिवक्ता को यह अनुमति देता है कि वह अपने मुवक्किल की ओर से स्वयं बयान दर्ज करा दे? इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर कोर्ट ने सहमति व्यक्त करते हुए वादी पक्ष के अधिवक्ताओं से संबंधित कानूनी रूलिंग और नजीरें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अदालत ने विस्तृत बहस के लिए अगली सुनवाई की तिथि 6 मार्च 2026 तय कर दी। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से बीएस फौजदार, आईडी श्रीवास्तव, कुमारी प्रीति, कुमारी तान्या जैन सहित अनेक अधिवक्ताओं ने न्यायालय की कार्यवाही में भाग लिया।











