-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शासन का आदेश है कि एक ही प्रबंध तंत्र के कॉलेजों को आपस में केंद्र नहीं बनाया जाए, लेकिन यह आदेश आंबेडकर विश्वविद्यालय में खूंटी पर टांग दिया गया है। औटा महामंत्री डॉक्टर भूपेंद्र चिकारा ने कुलपति से एक ही प्रबंध तंत्र के आपस में बनाए गए केंद्र बदलने की मांग भी की थी, लेकिन कुलपति ने गलती नहीं सुधारी। औटा द्वारा मुख्यमंत्री और कुलाधिपति से कुलपति की कार्यशैली की शिकायत की जा रही है कि कार्यवाहक कुलपति किस तरीके से यहां नियम विरुद्ध कार्य कर रहे हैं, ऐसा शिकायत में सबूतों के साथ लिखा जाएगा।
आज से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बार की परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं। जियो टैगिंग की तो धज्जियां उड़ गई हैं। पूर्व कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने केंद्रों के भौतिक सत्यापन के लिए कमेटी बनाई थी लेकिन वर्तमान कार्यवाहक कुलपति ने कमेटी के सदस्यों से भौतिक सत्यापन नहीं कराया। अगर वह भौतिक सत्यापन करा लेते तो केंद्र बेहतर तरीके से बन सकते थे। सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि क्या कुलपति नहीं चाहते थे कि केंद्र बेहतर तरीके से बनें? शासन के आदेशों का यहां पालन हो?
सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि इस बार की परीक्षा में एक ही प्रबंध तंत्र के कई कॉलेजों का आपस में केंद्र बना दिया गया है। औटा महामंत्री ने कुलपति को इस बात को लेकर पत्र भी लिखा, लेकिन कुलपति ने कोई सुनवाई नहीं की है। महामंत्री डॉक्टर भूपेंद्र चिकारा ने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र बनाने में भारी धांधली हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त नकल विहीन परीक्षा कराने का दावा कर रही है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन सरकार को ठेंगा दिखा रहा है।
श्रीराम यादव महाविद्यालय पटियाली कासगंज का परीक्षा केंद्र श्री राम सोनमती यादव महाविद्यालय एटा है। दोनों महाविद्यालय एक ही प्रबंधन के द्वारा संचालित हैं। सोनवती श्रीराम यादव की पत्नी हैं। रघुवीर सिंह यादव महाविद्यालय कासगंज का परीक्षा केंद्र श्रीमती तारा देवी महाविद्यालय बनाया गया है। दोनों महाविद्यालय एक ही प्रबंधन द्वारा संचालित हैं। तारा देवी रघुवीर सिंह यादव की पत्नी हैं। श्रीमती तारा देवी महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र राम श्री देवी महाविद्यालय कासगंज को बनाया गया है, जो कि इस से 80 किलोमीटर दूर है। केसी आदर्श महाविद्यालय कासगंज में एसआरएस महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र है। दोनों महाविद्यालय एक ही प्रबंधन द्वारा संचालित हैं और उनके बीच की दूरी भी करीब 80 किलोमीटर है। इस कॉलेज के पास में करीब एक दर्जन कॉलेज हैं। फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रबंध तंत्र के ही कॉलेज में सेंटर डाला है। कैलाशवति महाविद्यालय कासगंज गंगा नदी के पार बदायूं की सीमा से लगा हुआ है। इसका परीक्षा केंद्र 80 किलोमीटर दूर केसी आदर्श महाविद्यालय में डाला गया है, जबकि नगला खिमाई में 10 किलोमीटर की दूरी पर 5 परीक्षा केंद्र और भी हैं। विशेष सूत्रों की मानें तो केंद्र बनाने में जमकर वसूली हुई है। वसूली को लेकर इस बार पुराने रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए गए हैं।
नियम विरुद्ध परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। परीक्षा समिति के माध्यम से केंद्र बनाने की बात हुई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। क्योंकि कुछ लोग केंद्र बनाने में भ्रष्टाचार करना चाहते थे और इसमें सफल भी हुए लेकिन औटा भी उनकी जांच कराकर मानेगा। -डॉक्टर भूपेंद्र चिकारा महामंत्री, औटा
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सुबह तक प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर छात्रों ने किया हंगामा
मैनपुरी के एक कॉलेज में कल शाम तक प्रवेश पत्र नहीं पहुंचे थे। विश्वविद्यालय ने आज सुबह तक प्रवेश पत्र देने की बात कही थी। सुबह छात्र जब परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के लिए पहुंचे तब भी प्रवेश पत्र नहीं मिले। इसके बाद छात्रों ने हंगामा कर दिया। कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में कॉलेज की लॉगिन पर प्रवेश पत्र डाले। प्रवेश पत्र देरी से मिलने के कारण यहां परीक्षा भी देरी से शुरू हुई।











