नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट के दो नए जजों की नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुधांशु धूलिया और गुजरात हाईकोर्ट के जज जमशेद बी पारदीवाला को जज के तौर पर नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति ने दोनों जजों के नियुक्ति पर साइन भी कर दिए हैं। पांच मई को चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने केंद्र को दोनों जजों के नाम की सिफारिश की थी।
दोनों जज अगले हफ्ते नए पद की शपथ लेंगे, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत अपनी 34 जजों की क्षमता को पूरा कर लेगा। जस्टिस पारदीवाला सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाले चौथे पारसी होंगे। सुप्रीम कोर्ट में पांच साल बाद किसी अल्पसंख्यक समुदाय के जज की नियुक्ति हुई है। वहीं, जस्टिस धूलिया उत्तराखंड हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले दूसरे जज होंगे। जस्टिस पारदीवाला देश के अगले चीफ जस्टिस भी हो सकते हैं। मई 2028 में वो चीफ जस्टिस बनाए जा सकते हैं। उनका कार्यकाल दो-सवा दो साल का होगा। इससे पहले 2017 में अल्पसंख्यक समुदाय से जस्टिस सैयद अब्दुल नजीर की नियुक्ति हुई थी। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यू यू ललित, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल नागेश्वर राव के कॉलेजियम ने देश के अलग- अलग हाईकोर्ट में 10 नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। अगले कुछ दिन बाद ही जस्टिस विनीत शरण रिटायर होने वाले हैं। इसके बाद जून में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जुलाई में जस्टिस खानविलकर, अगस्त में चीफ जस्टिस रमणा, सितंबर में जस्टिस इंदिरा बनर्जी, अक्टूबर में जस्टिस हेमंत गुप्ता और नवम्बर में जस्टिस यूयू ललित चीफ जस्टिस के रूप में रिटायर होने वाले हैं।
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