आगरा। एत्मादुद्दौला डबल मर्डर केस में बुधवार को अदालत ने पत्नी और उसके मौसेरे भाई की फरसे से निर्मम हत्या करने वाले पति गौरव, उसके पिता मदन और छोटे भाई अभिषेक को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मामले में आरोपी की मां को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला एडीजे-26 अमरदीप की अदालत ने बुधवार को सुनाया। अदालत ने इस जघन्य दोहरे हत्याकांड को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए तीनों दोषियों को मौत की सजा से दंडित किया।
यह सनसनीखेज मामला 27 मई 2022 का है। आगरा के एत्मादुद्दौला थाना क्षेत्र में उस दिन एक ऐसी वारदात हुई थी, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया था। अवैध संबंध के शक में पति गौरव ने अपनी पत्नी पूजा और उसके मौसेरे भाई शिवम सिसौदिया को फरसे से काटकर मौत के घाट उतार दिया था। इस खौफनाक वारदात में उसके पिता मदन और छोटे भाई अभिषेक ने भी पूरा साथ दिया था।
सुशील नगर निवासी 31 वर्षीय शिवम सिसौदिया के घर के पीछे ही उसके रिश्ते के मौसा मदन का घर था। मदन के बड़े बेटे गौरव की शादी सैंया क्षेत्र के खेडिया गांव निवासी पूजा से हुई थी। रिश्तेदारी होने के कारण शिवम का मदन के घर आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान शिवम और पूजा के बीच नजदीकियां बढ़ने की बातें सामने आईं। परिवार को दोनों के रिश्ते पर शक था, जो धीरे-धीरे खूनी शक में बदल गया। 27 मई 2022 की दोपहर शिवम पूजा से मिलने गौरव के घर पहुंचा था। उसी दौरान घरवालों ने पूजा और शिवम को एक साथ देख लिया। इसके बाद घर में हड़कंप मच गया। गौरव, उसके पिता मदन और भाई अभिषेक ने दोनों को घर के भीतर नहीं छोड़ा, बल्कि घसीटते हुए बाहर गली में ले आए। इसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। साक्ष्यों और जांच के मुताबिक पहले पूजा और शिवम को गली में दौड़ा-दौड़ाकर डंडों से बेरहमी से पीटा गया। दोनों जब बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े, तब हमला और भी ज्यादा क्रूर हो गया। फरसे से दोनों के गले काट दिए गए। अभियोजन के मुताबिक, पूजा के देवर अभिषेक ने शिवम पर महज 1 मिनट में 22 बार फरसे से वार किए। यह वारदात इतनी वीभत्स थी कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दृश्य बेहद भयावह था। पूजा का शव घर के दरवाजे पर पड़ा मिला था, जबकि शिवम का शव गली में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। पूरी गली में खून फैला हुआ था। इलाके में दहशत और सन्नाटा पसर गया था।
हत्या के बाद पत्नी की लाश के पास बैठकर रोता रहा पति
इस डबल मर्डर का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह भी था कि पत्नी पूजा की हत्या करने के बाद पति गौरव उसके शव के पास बैठकर रोता रहा। वहीं दूसरी ओर पिता मदन और छोटा भाई अभिषेक ने सीधे एत्मादुद्दौला थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से गौरव को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या में इस्तेमाल फरसा और खून से सना डंडा बरामद
पुलिस ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने जांच में हत्या में इस्तेमाल फरसा, नाली में पड़ा खून से सना डंडा को बरामद कर लिया था। इन्हीं हथियारों के साथ-साथ मौके से मिले अन्य फोरेंसिक साक्ष्य ने केस को मजबूत बनाया।
सीसीटीवी बना सबसे बड़ा गवाह, कातिलों को मिली फांसी
इस हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसने पूरे मामले की भयावहता उजागर कर दी थी। यही सीसीटीवी अदालत में सबसे अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत साबित हुआ। वीडियो में पिता-बेटों की हैवानियत साफ दिखाई दी, जिसने बचाव पक्ष की दलीलों को कमजोर कर दिया।
14 गवाह, भाई की गवाही और सीसीटीवी से टूटी बचाव की दीवार
एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कुल 14 गवाह पेश किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण रहे, शिवम के भाई अभिषेक की गवाही, सीसीटीवी फुटेज, बरामद हथियार और घटनास्थल के परिस्थितिजन्य साक्ष्य। इन तमाम सबूतों के आधार पर अदालत ने माना कि यह हत्या पूर्वनियोजित, क्रूर और सामूहिक रूप से की गई।
अदालत का फैसला- तीनों दोषियों को फांसी, मां बरी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-26 अमरदीप की अदालत ने दोषी ठहराए गए गौरव (पति), मदन (पिता),अभिषेक (छोटा भाई) को फांसी की सजा तथा एक-एक लाख रुपये का जुर्माना का फैसला सुनाया, जबकि गौरव की मां को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया।
सजा सुनने के बाद भी नहीं दिखी शिकन, बोले-हाईकोर्ट जाएंगे
कोर्ट में जब तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई, तब भी उनके चेहरों पर कोई पछतावा या घबराहट नहीं दिखी। बताया गया कि कोर्ट से बाहर निकलते समय मीडिया ने सवाल किया तो आरोपी पक्ष की ओर से कहा गया कि “हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे, हमें न्यायपालिका पर भरोसा है।”










