आगरा। एक ओर जहां पुलिस कमिश्नर अवैध खनन को लेकर सख्त बने हैं, वहीं थाना पुलिस खनन माफिया से मिली हुई है। राजस्थान के राजाखेड़ा से सटे शमसाबाद थाना क्षेत्र में चंबलसेंड का अवैध भंडारण किया गया था। अवैध खनन के परिवहन में शमसाबाद थाना पुलिस की भी संलिप्तता थी। बुधवार को पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। छह जगह चंबलसेंड का अवैध भंडारण पकड़ा गया। एसीपी फतेहाबाद की रिपोर्ट पर पुलिस आयुक्त ने एसएसआई शमसाबाद अमित प्रसाद और सिपाही अनुज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
बता दें कि अवैध खनन और अवैध परिवहन की शिकायत लखनऊ तक हुई थी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर नाराजगी जताई थी। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने अवैध खनन और अवैध खनन के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले तीन दिनों से लगतार कार्रवाई की जा रही है। शमसाबाद थाने की सीमा राजस्थान के राजाखेड़ा इलाके से सटी हुई है। राजस्थान से चंबलसेंड लेकर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली वाले शमसाबाद होते हुए आगरा में प्रवेश करते थे, जिस पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दीं गई है। कस्बे में पुलिस की मिलीभगत से कई लोगों ने चंबलसेंड का अवैध भंडारण कर रखा था। एसीपी फतेहाबाद आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि छह जगह छापे मारे गए। सभी जगह चंबलसेंड का अवैध भंडारण मिला। करीब 734 घनमीटर चंबलसेंड को सीज किया गया। मौके से चार लोगों को पकड़ा गया। सरकारी सड़क किनारे तक पर अवैध भंडारण किया गया था। यह अवैध भंडारण ताजा था। ज्यादा पुराना नहीं था। एसीपी ने एसएसआई शमसाबाद अमित प्रसाद और सिपाही अनुज कुमार के खिलाफ गोपनीय रिपोर्ट दी। रिपोर्ट पर पुलिस आयुक्त ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया। एसओ शमसाबाद अनिल शर्मा निजी कार्य से अवकाश पर गए थे। एसएसआई अमित प्रसाद लाइन हाजिर हुए तो उन्हें अवकाश से वापस बुला लिया गया। सूत्रों की मानें तो अवैध खनन के परिवहन में लिप्त गाड़ियों से वसूली इन दिनों प्राइवेट युवक कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें लगाया था। पुलिस के प्राइवेट एजेंट भी अधिकारियों के रडार पर हैं। अधिकारी गोपनीय रूप से उनके बारे में छानबीन करा रहे हैं।











