आगरा। धर्मांतरण के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के पकड़े गए दोनों बेटों और जुनैद से हुई पूछताछ के बाद देहरादून से एक युवती का रेस्क्यू कराया गया है। शुक्रवार को उसके कोर्ट में भी बयान हुए। पीड़िता ने बताया कि उस पर दबाव डालकर व्हाट्सएप पर कलमा पढ़वाया गया।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वालीं दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान और उनके दोनों बेटों सहित कुछ आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया जिसने हरियाणा की एक दलित युवती से जबरन निकाह किया था। यह गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी।
पुलिस पूछताछ में जानकारी मिली है कि देश के छह राज्यों में फैले अवैध मतांतरण गिरोह को पाकिस्तान से भी फंडिंग हो रही थी। बरेली और देहरादून की युवतियों को यहां लाकर पूछताछ करने पर शुक्रवार को यह सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ। जम्मू कश्मीर की सहेली के माध्यम से बरेली की युवती कश्मीर के युवक के संपर्क में आई। उन्होंने कलमा पढ़ाकर मतांतरण कराया। इसके बाद दिल्ली में सरगना अब्दुल रहमान के घर ले जाकर मतांतरित युवक के साथ निकाह करा दिया और उसके आधार कार्ड में भी अपने घर का पता अपडेट करा दिया। देहरादून की युवती का भी गिरोह मतांतरण करा चुका था। अब उसका निकाह कराने की कोशिश कर रहा था। दोनों युवतियों ने गिरोह की पाकिस्तान से फंडिंग की भी जानकारी पुलिस को दी। उधर, देहरादून पुलिस ने भी यहां आकर आरोपितों से कई घंटे तक पूछताछ की।











