आगरा। फुटवियर कंपोनेंट्स, मटीरियल्स, मशीनरी, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक सहयोग को समर्पित 18वें ‘मीट एट आगरा’ का शनिवार को आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फेयर के उद्घाटन अवसर पर घंटा और शंख ध्वनि के बीच मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
देश-विदेश से पहुंचे एग्जिबिटर्स, फुटवियर निर्माता, निर्यातक, तकनीक प्रदाता और उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुए इस फेयर में इस बार 11 देशों की सहभागिता है। चाइना पवेलियन भी फेयर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। पहले दिन ही बड़ी संख्या में उद्योग जगत से जुड़े लोगों और विद्यार्थियों ने फेयर का रुख किया।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आगरा का लेदर और फुटवियर उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निर्यात और रोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैश्विक कारोबारी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में उद्योग को नई तकनीक, बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन, उत्पादकता और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी क्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता में भी निरंतर सुधार करना होगा। मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लेदर सेक्टर से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों के समाधान के लिए उनके नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है। लेदर एवं फुटवियर निर्यातक और उद्यमी अपनी नीतिगत समस्याएं, सुझाव और व्यावहारिक दिक्कतें समिति के सामने रख सकते हैं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्याओं के प्रभावी और समयबद्ध समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे केवल अपनी समस्याएं ही सामने न रखें, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान और सुझाव भी दें। इससे प्रदेश में उत्पादन, निवेश, निर्यात और रोजगार को गति देने के लिए बेहतर नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच लगातार संवाद ही सेक्टर की चुनौतियों के समाधान का रास्ता तैयार कर सकता है। उत्तर प्रदेश अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से आगे ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने मुख्य अतिथि समेत देश-विदेश से आए एग्जिबिटर्स, प्रतिनिधियों और उद्यमियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 18 वर्षों की यात्रा में ‘मीट एट आगरा’ एक सामान्य प्रदर्शनी से आगे बढ़कर फुटवियर उद्योग के लिए तकनीक, व्यापार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि फेयर का उद्देश्य आगरा के फुटवियर उद्योग को दुनिया की आधुनिक तकनीक, नए मटीरियल्स और अत्याधुनिक मशीनरी से जोड़ना है। इससे निर्माता अपनी गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को और मजबूत कर सकेंगे। गोपाल गुप्ता ने कहा कि किसी भी फेयर की वास्तविक सफलता तभी है, जब यहां प्रदर्शित तकनीक और नए विचार उद्योग की फैक्ट्रियों तक पहुंचें और उनका असर उत्पादन, व्यापार तथा रोजगार के रूप में दिखाई दे।
डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (डीसीएफएलआई) के चेयरमैन एवं एफमेक कन्वीनर पूरन डावर ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और इसमें आगरा के उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आगरा के पास पीढ़ियों से चला आ रहा हुनर, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, उद्यमशीलता और बाजार से जुड़ाव मौजूद है। सही तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और नीतिगत सहयोग मिलने पर आगरा को वैश्विक फुटवियर उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। डाबर ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते वैश्विक बाजारों के नए अवसर खोल रहे हैं, लेकिन उनका लाभ उठाने के लिए उद्योग को स्केल, टेक्नोलॉजी, डिजाइन, उत्पादकता, स्थिरता और अनुपालन के स्तर पर खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने रोजगार को उद्योग के विकास का महत्वपूर्ण पैमाना बताते हुए कहा कि फुटवियर सेक्टर युवाओं, महिलाओं और कारीगरों को बड़े पैमाने पर रोजगार देने की क्षमता रखता है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट-वन एजुकेशन’ की दिशा में आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि स्थानीय उद्योग को कक्षाओं से और विद्यार्थियों को फैक्ट्रियों से जोड़ने की जरूरत है। फुटवियर से संबंधित शिक्षा की शुरुआत आगरा से की जानी चाहिए।










